मध्य प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या अब 8420, अब तक 364 मौतें

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मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों और मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान 137 मरीज बढ़े हैं, जिससे कुल मरीजों की संख्या साढ़े आठ हजार के करीब पहुंच गई है, वहीं मौतों का आंकड़ा 364 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 8420 हो गई। बीते 24 घंटों में 137 नए मरीज सामने आए हैं। इंदौर में मरीजों की संख्या अब 3570 हो गई है। राजधानी भोपाल में मरीजों की संख्या बढ़कर 1531 तक पहुंच गई है। उज्जैन में मरीजों का आंकड़ा 692 हो गया है।

स्वास्थ्य बुलेटिन के ब्यौरे के अनुसार, राज्य में मरने वाले मरीजों की संख्या 364 हो गई है। अब तक इंदौर में 138, भोपाल में 60 और महाकाल की नगरी उज्जैन में 58 संक्रमित लोग काल के गाल में समा चुके हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 5221 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बीते 24 घंटों में 218 मरीज स्वस्थ हुए। इंदौर में 2029 और भोपाल में 1042 मरीज स्वस्थ हुए हैं। स्वस्थ हुए मरीज अगर चाहें तो अपना 400 एमएल प्लाजा दान कर कई लोगों की जान बचा सकते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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