Nucleic acid test महामारी की रोकथाम के लिए अहम

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बिगड़ती कोरोना महामारी की स्थिति के मद्देनजर फ्रांस ने घोषणा की कि 30 अक्तूबर से फिर एक बार पूरे देश में लॉकडॉउन शुरू होगा। जर्मनी ने भी 2 नवंबर से रेस्त्रां, बार, थिएटर, खेल के मैदान, जिम, ब्यूटी सैलून आदि बंद करने की घोषणा की। इसके अलावा, जर्मनी के नूर्नबर्ग, फ्रांस के फ्रैंकफर्ट, एरफर्ट, स्ट्रासबर्ग, चैक गणराज्य के प्राग आदि क्षेत्रों में इस साल का क्रिसमस बाजार रद्द होगा। सर्वविदित है कि कोविड-19 महामारी वर्तमान में मौजूद सबसे बड़ा संकट है। महामारी फैलने के बाद सिर्फ 7 महीनों में 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई और करोड़ों लोग संक्रमित हुए। अब मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।

निर्विवाद है कि चीन दुनिया में एकमात्र देश है, जिसने महामारी की रोकथाम में विजय पायी है और आर्थिक वृद्धि बहाल की है। महामारी फैलने के बाद चीन ने रोकथाम के सबसे व्यापक, सबसे सख्त और सबसे संपूर्ण कदम उठाये और रोकथाम की कारगर व्यवस्था स्थापित की। तथ्यों से साबित है कि वायरस के फैलाव को रोकना सबसे उपयोगी उपाय है। इसके अलावा, समय पर न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करना छिपे हुए संकट को हटाने का कारगर तरीका है।

चीन सरकार ने संसाधन को इकट्ठा कर सिर्फ 9 दिनों में वुहान शहर में 65 लाख लोगों का न्यूक्लिक एसिड टेस्ट पूरा किया। पेइचिंग के शिनफाती थोक बाजार में महामारी फैलने के बाद, पेइचिंग ने एक हफ्ते में करीब 23 लाख लोगों का न्यूक्लिक एसिड टेस्ट किया। जिस निवासी के संक्रमित होने की आशंका रहती है, उसे उसके मोबाइल फोन के जरिए सूचना मिलती है। हाल में शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के काशगर क्षेत्र में लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ। 24 अक्तूबर को यहां महामारी फैलने के बाद से 27 अक्तूबर तक, काशगर में सिर्फ 4 दिनों में 47 लाख 46 हजार से अधिक लोगों का न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करवाया गया।

न्यूक्लिक एसिड टेस्ट की मजबूत क्षमता और रोकथाम की संपूर्ण व्यवस्था के चलते अब काशगर में महामारी के लगातार फैलने की संभावना नहीं है। महामारी की स्थिति में सभी देशों के लोग जुड़े हुए हैं। दुनिया के हर क्षेत्र में वायरस के फैलाव को रोकने पर ही हम अंतत: विजय पा सकते हैं, नहीं तो महामारी के लगातार फैलने का खतरा फिर भी बना रहेगा। आशा है कि सभी लोग महामारी को सही तरह से समझेंगे और आत्म-सुरक्षा पर जोर देंगे, ताकि हम जल्द ही महामारी की रोकथाम में विजय हासिल कर सकें।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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