अब राजीव गांधी फाउंडेशन पर टूजी स्पेक्ट्रम के आरोपी यूनिटेक से चंदा लेने का लगा आरोप

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एक बार फिर राजीव गांधी फाउंडेशन विवादों में है। इस बार फाउंडेशन पर टूजी आरोपी यूनिटेक फर्म से चंदा लेने का आरोप लगा है। प्राप्त दस्तावेज के मुताबिक टूजी के आरोपी रहे यूनिटेक फर्म ने वर्ष 2007-2008 में राजीव गांधी फाउंडेशन में चंदा दिया था। इसके बाद यूनिटेक की सब्सिडियरी इकाई यूनिटेक वायरलेस को 2008 में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 1.658 करोड़ का पेन इंडिया टेलीकॉम लाइसेंस मिला था।

इस मसले पर भाजपा प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने आईएएनएस से कहा, “यह जांच का विषय है, साथ ही यह सच भी है कि राजीव गांधी फाउंडेशन और गांधी परिवार से जुड़े कई ट्रस्ट ने कई स्रोतों से डोनेशन लिया। चीन से चंदा लेकर भारत मे व्यापार घाटा करवाया। मेहुल चौकसी जैसे भगोड़े से चंदा लिया। ऐसे में साफ है कि राजीव गांधी फाउंडेशन का इस्तेमाल चंदा लेकर फेवर देने के लिए किया जाता था। ये शर्मनाक है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम दोनों ही राजीव गांधी फाउंडेशन के ट्रस्टी भी थे और सोनिया गांधी जी यूपीए के चेयरपर्सन भी थी।”

गौरतलब है कि यूनीटेक के मालिक संजय चंद्रा को 2011 में भी टूजी स्पेक्ट्रम मामले में गिरफ़्तार किया गया था। नवंबर 2011 में जमानत पर रिहा होने से पहले वह 8 महीने जेल में रहे थे। इसके अलावा चंद्रा पर ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदारों के साथ ठगी करने का भी आरोप है।

संजय चंद्रा ने रियल एस्टेट में आई अस्थिरता को देखते हुए ही यूनिटेक की एंट्री टेलिकॉम बिजनेस में कराई थी। यूनिनॉर के कारण ही संजय चंद्रा का नाम टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में आया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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