अब अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा कोटला स्टेडियम

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भारत के सबसे पुराने स्टेडियमों में से एक ऐतिहासिक -फिरोज शाह कोटला स्टेडियम का नाम अब अरुण जेटली स्टेडियम होगा। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने गुरुवार को यहां जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एक कार्यक्रम आयोजित अपने मरहूम पूर्व अध्यक्ष को सम्मानित किया। साथ ही इस स्टेडियम के पवेलियन का नाम भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली के नाम पर कर दिया गया। समारोह में इसका भी औपचारिक ऐलान किया गया। साथ ही टीम इसी समारोह के भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री को भी सम्मानित किया गया।

डीडीसीए द्वारा आयोजित किए गए इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, खेल मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर के अलावा कई राजनेता उपस्थित रहे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और प्रशासको की समिति (सीओए) ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति रहे।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टी-20 मैचों के लिए चुनी गई भारतीय टीम के सभी सदस्य भी इस समारोह में मौजूद रहे। इनके अलावा कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की जिसमें कपिल देव, अजय जडेजा, अतुल वासन के नाम शामिल हैं।

इस दौरान जेटली का परिवार भी उपस्थित रहा।

डीडीसीए ने हालांकि 27 अगस्त को इस बात की जानकारी दे दी थी कि इस स्टेडियम का नाम भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के नाम पर रखा जाएगा, जिनका बीते दिनों दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया था।

जेटली लंबे समय तक डीडीसीए के अध्यक्ष भी रहे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री जेटली का 24 अगस्त को लंबी बीमारी के बाद एम्स अस्पताल में निधन हो गया था। जेटली ने डीडीसीए का अध्यक्ष रहते हुए फिरोज शाह कोटला में पुनर्निर्माण कराया था, जिसमें आधुनिक सुविधाएं, दर्शकों के बैठने की क्षमता, विश्व स्तरीय ड्रेसिंग रूम आदि शामिल हैं।

इस मौके पर डीडीसीए के अध्यक्ष रजत शर्मा ने कहा, “वह 13 साल डीडीसीए के अध्यक्ष रहे। दिल्ली के सभी क्रिकेटर जेटली जी को बड़े आदर से याद करते हैं क्योंकि जेटली ने सभी को बड़ा खिलाड़ी बनाने में मदद की। जेटली की यादों को सहजने के लिए और उन्हें अमर बनाने के लिए इससे अच्छा और कुछ नहीं हो सकता।”

इस मौके पर विराट ने कहा, “इतने बड़े स्तर पर मुझे सम्मानित किया जाएगा, मैंने सोचा नहीं था। मैं रजत शर्मा, भारतीय टीम, दिल्ली की पुरानी तथा नई टीमों, बीसीसीआई का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मेरे पास शब्द नहीं हैं। मेरे बचपन के कोच राकेश शर्मा को शुक्रिया अदा करता हूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुझे यह सम्मान मिलेगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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