वसुंधरा सरकार की मुश्किलें और बढ़ी, अब ब्राह्मण समाज ने दी सरकार को आंदोलन की चेतावनी

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राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के सरकार द्वारा किए गए एनकाउंटर के बाद  राजपूत समाज की  सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों को बिना मानें आखिरकार 19 दिन बाद मानवाधिकार आयोग के आदेश पर 20वें दिन प्रशासन ने आनंदपाल के गांव में धारा 144 लगाकर स्वयं अंतिम संस्कार करवा दिया। पर इसके साथ इस ने ड्रामे खत्म होने की बजाय औऱ विकराल रूप ले लिया है।

अंतिम संस्कार के बाद राजपूत समाज के गुस्से में औऱ उफान आ गया औऱ उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना मांगों मनवाने के लिए विरोध जाहिर किया।

पुलिस ने आनंदपाल की श्रृद्धांजलि सभा के दौरान हुए हंगामे को शांत करने के लिए जबरन फायरिंग करनी पड़ी। उसी फायरिंग में वहां मौजूद लालचंद शर्मा नाम के एक ब्राह्मण व्यक्ति की मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस के रवैये से ब्राह्मण समाज में काफी आक्रोश है।

ऐसे में सर्व ब्राह्मण महासभा ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि भीड़ में ऐसे गोली चलाने से निर्दोष लालचंद की मौत हो गई। तथा उसके बाद पुलिस ने उसके शव की कोई सुध नहीं ली। तथा उसके परिजनों को ढूंढने का प्रयास तक नहीं करके अमानवीयता का उदाहरण पेश किया है।

महासभा के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश मिश्रा के अनुसार सरकार की तरफ से इस तरह के रवैये पर अभी तक कोई भी बयान नहीं दिया गया है। हमारी सरकार से यही मांग है कि ने दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। मिश्रा ने साथ में ये भी कहा कि पुलिस जल्द से जल्द लालचंद के परिजनों की तलाश कर उन्हें एक करोड़ रुपए मुआवजा दें। तथा लालचंद शर्मा के किसी एक आश्रित को सरकारी नौकरी मिले। और अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो तीन दिन में सरकार के खिलाफ महासभा सडक़ों पर उतरेगी।

आपतो बता दें कि लालचंद की मौत के 4 दिन बाद भी उसका शव एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ है।

 

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