उत्तर प्रदेश में कोरोना के अब 6,991 मरीज, अब तक 182 मौतें

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उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को प्रदेश में 269 नए मरीज मिलने के साथ संक्रमितों की संख्या 6,991 तक पहुंच गई। वायरस के संक्रमण से अब 182 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक 3991 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के आगरा में 873, मेरठ में 402, नोएडा में 365, लखनऊ में 343, कानपुर शहर में 337, गजियाबाद में 252, सहारनपुर में 234, फिरोजाबाद में 230, मुरादाबाद में 200, रामपुर में 172, वाराणसी में 170, जौनपुर में 155, बस्ती में 148, बाराबंकी में 144, हापुड़ में 138, अलीगढ़ में 129, बुलंदशहर में 108, सिद्धार्थ नगर में 95, अयोध्या में 93, गाजीपुर में 93, अमेठी में 88, प्रयागराज में 84, बिजनौर में 83, संभल में 78, बहराइच में 76, प्रतापगढ़ में 73, मथुरा में 72, रायबरेली में 69, संतकबीर नगर में 69, देवरिया में 69, सुल्तानपुर में 68, गोरखपुर में 62, लखीमपुर खीरी में 62, मुजफ्फरनगर में 61, अमरोह में 59, आजमगढ़ में 56, गोंडा में 55, बरेली में 52 लोग चीन में बनाए गए वायरस की चपेट में आ चुके हैं।

इसी तरह अंबेडकर में 51, इटावा में 47, कौशांबी में 47, महराजगंज में 46, फतेहपुर में 44, पीलीभीत में 44, जलौन में 43, शामली में 43, कन्नौज में 42, हरदोई में 41, सीतापुर में 40, बदायूं में 36, बलरामपुर में 36, बलिया में 32, झांसी में 32, मिर्जापुर में 32, बागपत में 30, भदोही में 30, चित्रकूट में 29, श्रावस्ती में 29, उन्नाव में 29, औरैया में 27, फरु खाबाद में 27, मैनपुरी में 27, बांदा में 23, एटा में 23, हाथरस में 22, चंदौली में 21, मऊ में 19, शाहजहांपुर में 19, कानपुर देहात में 15, कासगंज में 15, कुशीनगर में 10, महोबा में 10, हमीरपुर में 6, सोनभद्र में 6 और ललितपुर में 2 लोग कोरोना पॉजटिव पाए गए हैं।

प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन ने बताया कि इस समय आइसोलेशन वार्ड में 2895 लोग रखे गए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। फैसिलिटी क्वारंटाइन में इस समय 9558 लोग रखे गए हैं, जिनके सैंपल लेकर उनकी जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को 7407 नमूनों की जांच की गई और पूल टेस्टिंग के माध्यम से 676 पूल लगाए गए। अब तक 12396 इलाकों में सर्विलांस का कार्य किया गया है और 3 करोड़ 69 लाख 87 हजार 490 लोगों का सर्विलांस किया गया है।

मोहन स्वास्थ्य ने बताया कि आरोग्य सेतु एप का लोग लगातार उपयोग कर रहे हैं और अब तक 36 हजार 786 लोगों को कंट्रोल रूम से फोन कॉल किए गए हैं, जिसमें 97 लोगों ने बताया कि वो संक्रमित हैं और उनका इलाज जारी है। 47 लोगों ने बताया कि उन्हें संक्रमण था, लेकिन अब वे इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हैं।

उन्होंने बताया कि आशा वर्कर के द्वारा अब तक 9 लाख 60 हजार 933 प्रवासी कामगारों को ट्रैक किया गया है, जिसमें से 945 लोगों में संक्रमण के लक्षण देखे गए हैं। इनका सैंपल लेकर जांच करवाई जा रही है। उन्होंने लोगों को घर में रहने की अपील की और कहा कि इस बीमारी से घबराना नहीं है, बल्कि हिम्मत के साथ सावधान रहकर लड़ना है।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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