मध्य प्रदेश में नामांकन प्रक्रिया पूरी, 2800 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा

0
109

मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो गई। राज्य के 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 2800 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। राज्य में दो नवंबर को अधिसूचना जारी होते ही नामांकनपत्र भरने का दौर शुरू हो गया था और शुक्रवार को समाप्त हो गया। राज्य में दो प्रमुख दलों- सत्ताधारी भाजपा, मुख्य विपक्षी कांग्रेस के अलावा बहुजन समाजपार्टी, समाजवादी पार्टी, सपाक्स और अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने पर यह आंकड़ा 2800 तक पहुंच गया। सबसे ज्यादा 162 नामांकन पत्र रीवा जिले में जमा किए गए, वहीं सबसे कम मात्र आठ नामांकन श्योपुर जिले में जमा हुए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleअशोक कुमार बने प्रतिस्पर्धा आयोग के नए अध्यक्ष
Next articleफ्रेड ने कहा, मोरिन्हो के कारण युनाइटेड आया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here