भाजपा को जश्न मनाने में कोई लोक-लाज नहीं : अखिलेश यादव

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि “जब रोम जल रहा था तो नीरो बंशी बजा रहा था। भाजपा नेतृत्व और उसकी सरकारें भी इसे दोहराने जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा 30 मई को केंद्र सरकार के एक साल पूरा होने पर अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर वाहवाही लूटने की तैयारी में जुट गई है। देश-प्रदेश में इसके लिए भव्य आयोजन होंगे।”

अखिलेश ने कहा, “यह असमय जश्न तब मनेगा, जब कोरोना महामारी से मौतें हो रही हैं और भूखे-प्यासे श्रमिक भटक रहे हैं। भाजपा को जश्न मनाने में कोई लोकलाज नहीं है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरुवार को जारी अपने बयान में कहा कि 30 मई को भाजपा द्वारा प्रस्तावित जश्न मनाने वालों के लिए यह शायद बड़ी उपलब्धि या गर्व का विषय है कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ लाख का आंकड़ा पार कर गई है। हम इस महामारी के शिकार शीर्ष देशों में आ गए हैं। अस्पतालों में, क्वारंटाइन सेंटरों में बदइंतजामी और भूखे-प्यासे श्रमिकों का पलायन जारी है।

अखिलेश ने कहा, “भाजपा सरकार अपने झूठ और थोथे वादों से जनता को कब तक सच्चाई से भटकाएगी? खुद 10 पैकेट बांटते हुए फोटो छपवाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने 24 करोड़ से ज्यादा लोगों को राशन दिया। केंद्रीय वित्तमंत्री ने 80 करोड़ परिवारों को मदद का दावा कर दिया। अगर ये आंकड़े सच्चे हैं तो झूठा कौन है, क्या भूख से बेहाल श्रमिक, नंगे पैर तपती धरती पर दौड़ती महिलाएं और बच्चे?”

सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा को तो बस सत्ता सिंहासन से वास्ता है। ऐसे लोगों को जनता माफ नहीं करेगी। आने वाले समय में इनका हिसाब लेगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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