भारत की मौजूदा सरकार से कोई उम्मीद नहीं : इमरान खान

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आतंकवाद पर निर्णायक कदम उठाने के भारत के स्पष्ट संदेश का सकारात्मक जवाब देने के बजाए पाकिस्तानी शासकों द्वारा लगातार मनगढ़ंत तर्को को पेश करने का सिलसिला जारी है। एक बार फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत की मौजूदा सरकार पर विचारधारात्मक आक्षेप लगाते हुए कहा है कि उन्हें ‘भारत की मौजूदा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है।’ बेल्जियम के टीवी चैनल वीआरटी को दिए एक साक्षात्कार में इमरान ने भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देते हुए वहां की निर्वाचित सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “भारत में इस वक्त चरमपंथियों की सरकार है। भाजपा सरकार अपनी आरएसएस विचारधारा के कारण भारतीय अल्पसंख्यकों के लिए खतरा बन गई है। मौजूदा भारतीय हुकूमत से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। (भारत के) भविष्य के मजबूत नेतृत्व के साथ कश्मीर का मसला सुलझेगा।”

इमरान ने अफगानिस्तान में शांति के लिए अमेरिका व तालिबान के बीच चल रही वार्ताओं का हवाला देते हुए कहा, “हम सही दिशा में जा रहे हैं। जब से मेरी सरकार आई है, अफगानिस्तान में शांति के लिए हमने सभी संभव प्रयास किए हैं। अमेरिका और तालिबान ने एक-दूसरे से बातचीत पर रजामंदी जाहिर की। इसका अगला कदम संघर्षविराम है। इसके बाद संभावित समझौते की बारी आएगी।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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