परीक्षाओं के लिए ली जाएगी छात्रों और अभिभावकों की राय : Nishank

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड परीक्षाओं के विषय में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सिलेबस लाएगी। परीक्षाओं का आयोजन करने से पहले छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की राय पूछी जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “यह निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी विभिन्न बोर्डो की मौजूदा परिस्थिति का आकलन करेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सिलेबस लाएगी। यह भी तय किया गया कि अगले साल परीक्षा का आयोजन कब और कैसे किया जाए, इस विषय पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के विचार जानने के लिए शिक्षा मंत्रालय एक अभियान चलायागा।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रम पर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इसमें शिक्षा सचिव अमित खरे, स्कूल शिक्षा सचिव अनिता करवाल और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री पोखरियाल ने यूजीसी को निर्देश दिया कि सभी छात्रवृत्ति सुनिश्चित की जाएं। फेलोशिप समय पर वितरित की जाएं और इसके लिए एक हेल्पलाइन शुरू की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्रों की सभी शिकायतों का तत्काल निवारण किया जाए।

इस दौरान तकनीकी शिक्षा शुरू करने के लिए एक मौलिक निर्णय लिया गया, विशेष रूप से मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने वाले इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम अगले शैक्षणिक वर्ष से खोले जाएंगे। कुछ आईआईटी और एनआईटी को इसी प्रकार की तकनीकी शिक्षा के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मंत्रालय के सभी अधिकारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास और देश में शिक्षा प्रणाली के परिवर्तन को प्राप्त करना है।”

इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा लिए गए एक निर्णय के मुताबिक 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल जनवरी से शुरू होकर फरवरी तक लिए जा सकते हैं। यह केवल एक संभावित तिथि है। सीबीएसई ने कहा है कि सही तिथि की सूचना बाद में दी जाएगी।

इसके लिए सभी स्कूलों को एक ऐप और उसका लिंक उपलब्ध करवाया जाएगा। इस एप पर स्कूलों को प्रैक्टिकल के दौरान ली गई छात्रों की फोटो भी अपलोड करनी होगी। फोटो में स्टूडेंट्स, ऑबजर्वर, बाहर से आए एग्जामिनर और स्कूल के एग्जामिनर होंगे।

बोर्ड ने परीक्षा के आयोजन को लेकर एक एसओपी तय की है। प्रैक्टिकल के लिए स्कूलों को अलग-अलग तिथि भेजी जाएगी। इसमें बोर्ड का ऑबजर्वर नियुक्त किया जाएगा। यह ऑबजर्वर, प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट मूल्यांकन की निगरानी करेगा।

देशभर के विभिन्न स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड द्वारा नियुक्त एक्सटर्नल एग्जामिनर द्वारा ही प्रैक्टिकल करवाने होंगे। मूल्यांकन पूर्ण होने के पर स्कूलों को बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक पर अर्जित अंक अपलोड करने होंगे। प्रैक्टिकल एग्जाम और प्रोजेक्ट मूल्यांकन का काम संबंधित स्कूलों में ही चलेगा।

नरयूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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