स्कूल, कॉलेज, आईआईटी व एनआईटी के छात्रों से Nisank ने की मुलाकात

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शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश भर के स्कूलों, कॉलेजों, आईआईटी, एनआईटी और विश्वविद्यालयों से गणतंत्र दिवस परेड 2021 देखने के लिए बुलाए गए लगभग 100 मेधावी छात्रों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस देकर सम्मानित किया। यह सभी छात्र प्रधानमंत्री के अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए थे जिनके रहने, भोजन एवं आने-जाने की व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय ने की।

शिक्षा मंत्री ने सभी छात्रों से बात की एवं उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “गणतंत्र दिवस आप सभी युवाओं को अपने संविधान पर गर्व करने और देशभक्ति की भावना महसूस करने का दिन है। मुझे यकीन है कि राजपथ पर देश की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक कौशल का गवाह बनने के बाद आपके भीतर इन भावनाओं को एक नया बल मिला होगा। भारत पूरे विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमारे इस लोकतंत्र की ताकत है समावेशी संविधान। यह समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करता है। लोकतंत्र की नैतिकता और जीवंतता को केवल तभी सुरक्षित और जीवंत रखा जा सकता है जब राष्ट्र का युवा लोकतंत्र के सिद्धांतों और राष्ट्र की समृद्धि के लिए कार्य करे।”

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के पास बहुत सारे संसाधन हो सकते हैं, परंतु किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। डॉ. निशंक ने कहा, “मैं युवाओं को दैवीय शक्ति के समकक्ष मानता हूं। मेरी नजर में युवा केवल उम्र का एक पड़ाव या कोई वार्षिक चरण नहीं हैं, बल्कि यह एक मानसिक स्थिति हैं।”

इसके अलावा उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा मंत्रालय द्वारा शिक्षा को अनवरत जारी रखने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी छात्रों को विस्तार से बताया और उनसे कहा कि अब समय आ गया है कि आप रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म करें। शिक्षा मंत्रालय सदैव आपके साथ खड़ा रहा है।

news source आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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