कुंभ मेले के इस अखाड़े के साधु-संत हैं प्रोफेसर और लॉ एक्सपर्ट

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जयपुर। प्रयागराज में इस समय कुंभ मेला चल रहा है। कुंभ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में से एक हैं। कुभ मेले में आने वाले साधु संत और अखाड़े सभी लोगो के लिए आकर्षण का केंद्र रहते हैं। इसके साथ ही कुंभ को आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माने जाते हैं।

 

कुंभ में सभी अखाडें सिरकत करते हैं। इसके साथ ही पूरे देश से साधु संयासी कुंभ में सम्मिलित होने आते हैं। कुंभ में सम्मिलित होने वाले अखाडों में से एक निरंजनी अखाड़ा है, जिसमें 70 फीसद साधुओं ने हायर एजुकेशन की डिग्री ली हुई है। इन साधुओं में से कई संस्कृत के विद्वान, प्रोफेसर और डॉक्टर रहे है।

निरंजनी अखाड़े  के महेशानंद गिरी ज्योग्राफी के प्रोफेसर हैं, तो  बालकानंद जी डॉक्टर और पूर्णानंद गिरी ने लॉ की डिग्री ली हुई है। इस आखाडे में कई सारे एक्सपर्ट और संस्कृत के विद्वान मौजूद हैं। इस अखाजें के संत स्वामी आनंद गिरी नेट क्वालिफाइड किये हैं,  वे आईआईटी खड़गपुर, आईआईएम शिलांग में छात्रों को अपने लेक्चर भी दे चुके हैं। आजकर बनारस से पीएचडी कर रहे हैं, निरंजनी अखाडें के आशुतोष पुरी पीएचडी कर चुके हैं।

निरंजनी अखाड़ा इलाहाबाद व हरिद्वार में 5 स्कूल कॉलेज संचालित कर रहे हैं। इस अखाडे का हरिद्वार में एक संस्कृत कॉलेज भी है, जिस स्कूल की सारी व्यवस्था निरंजनी अखाडें के साधु-संत संभालते हैं,  यहां पर छात्रों को पढ़ाया जाता है। अखाड़े में जयादातर साधु संयासी व संत महंत हायर एजुकेशन प्राप्त किये हुए हैं।

निरंजनी अखाड़े की स्थापना गुजरात के मांडवी में हुई थी, सभी 13 अखाडों मे से निरंजनी अखाडा सबसे प्रसिद्ध अखाडा है। इसमें उच्च शिक्षा प्राप्त साधु-संत है, जो शैव परंपरा को मानते हैं, और उसके अनुसार ही जीवनयापन करते हैं व जटा रखते हैं।

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