एम्ब्रस ज्वेल्स स्टोर को निम्रत कौर ने लांच किया

0
140

एम्ब्रस ज्वेल्स का पहला फ्लैगशिप स्टोर दक्षिण दिल्ली में लांच किया गया। इसका उद्घाटन बॉलीवुड अभिनेत्री निम्रत कौर ने किया। इस स्टोर में अंगूठियां, बालियां, हार और लटकन का विशेष संग्रह पेश किया गया है।

इस अवसर पर ‘लन्चबॉक्स’, ‘एयरलिफ्ट’ और वेब श्रृंखला ‘द टेस्ट केस’ प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री निम्रत ने कहा कि एम्ब्रस ज्वेल्स कलेक्शंस बहुत ही क्लासिक और सुरुचिपूर्ण है जो हर अवसर पर लोगों को आकर्षित करेगा।

पुस्तक प्रकाशन की चार पीढ़ियों की परंपराओं को तोड़कर अर्पित गोयल मूल्यवान पत्थरों की खोज कर शानदार आभूषण की दुनिया में आए हैं। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा भारतीय संस्कृति और विरासत को महत्व देने पर जोर दिया है जो कि आभूषण के टुकड़ों में परिलक्षित होता है। मैं रंगों के उपयोग के साथ वास्तुकला में भारतीय इतिहास की सराहना करता हूं। और भारतीय शिल्प कौशल की सराहना करते हुए और आभूषण शिल्पकार को बढ़ावा देने में विश्वास करता हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleभारत के 5 सबसे अमीर राज्य, 3 नंबर का नाम जानकर हैरान हो जाओगे
Next articleकेवल लाख रुपये के बजट में बिकने वाली शानदार मोटरसाइकिलें
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here