निखत ने रिजिजू को लिखा पत्र, मिला बिंद्रा का समर्थन

0
64

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह द्वारा ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए ट्रायल आयोजित न करने और 51 किलोग्राम भारवर्ग में एमसी मैरी कॉम को सीधे प्रवेश देने के बयान के बाद महिला मुक्केबाज निखत जरीन ने देश के खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखा है । निखत ने अपने पत्र में खेल मंत्री से पारदर्शिता बरतने की गुहार लगाई है।

निखत ने बुधवार को ही आईएएनएस को बता दिया था कि वह ट्रायल्स न होने की खबर सुनकर निराश हैं और इसलिए खेल मंत्री को पत्र लिखेंगी।

उन्होंने गुरुवार को रिजिजू को पत्र लिखा जिसे उन्होंने ट्वीटर पर भी साझा किया।

निखत ने लिखा, “मैं सिर्फ एक सही मौका चाहती हूं। मैं जिस चीज के लिए अभ्यास कर रही हूं उसके लिए मुझे मौका नहीं मिला तो क्या मतलब। खेल का मतलब सभी के साथ ईमानदारी से पेश आना है। मैं अपने देश पर भरोसा नहीं खोना चाहती। जय हिंद।”

निखत ने अपने पत्र में अमेरिका के दिग्गज तैराक माइकल फेल्प्स का जिक्र किया है जिन्हें ओलम्पिक खेलने के लिए हर बार ट्रायल्स से गुजरना पड़ता था। साथ ही निखत ने यह भी लिखा है कि मैरी कॉम उनके लिए आदर्श हैं।

निखत ने लिखा, “मैं जब छोटी थी तब मैं मैरी कॉम से प्रभावित हुई थी। इस प्रेरणा के साथ न्याय करने का एक ही तरीका था कि मैं उन जैसी मुक्केबाज बनूं। और मैरी कॉम खेल में प्रतिस्पर्धा से छुपने के लिए और अपना ओलम्पिक क्वालीफिकेशन बचाने के लिहाज से बहुत बड़ा नाम हैं।”

उन्होंने लिखा, “23 बार के स्वर्ण पदक विजेता माइकल फेल्प्स को भी ओलम्पिक के लिए हर बार क्वालीफाई करना पड़ा था, हम सभी को भी यही करना चाहिए।”

तेलंगाना की रहने वाली इस मुक्केबाज ने लिखा, “मैं आपको एक महिला खिलाड़ी के तौर पर यह पत्र लिख रही हूं जो खेल में अपनी पहचान बनाना चाहती है और देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना चाहती है।”

निखत को ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का भी समर्थन मिला है। उन्होंने निखत के ट्वीट को रिट्वीट किया है।

बिंद्रा ने लिखा, “मैं मैरी कॉम का बहुत सम्मान करता हूं। हकीकत यह है कि एक खिलाड़ी को अपनी जिंदगी में हर दिन प्रमाण देना पड़ता है और वह प्रमाण यह होता है कि हम कल से भी अच्छे आज हैं। खेल में बीता कल गिना नहीं जाता।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleमहिन्द्रा ला रहा है अपनी नई कार एक्सयूवी 400
Next articleकिआ ने 12,63,000 रुपये की स्टैंडर्ड कीमत के साथ सेल्टोस को आस्ट्रेलिया में किया लांच
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here