नवनिर्वाचित बसपा सांसद अतुल राय को दुष्कर्म मामले में नहीं मिली राहत

0
41

सर्वोच्च न्यायालय ने दुष्कर्म मामले में सोमवार को नवनिर्वाचित बसपा सांसद अतुल राय की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 23 मई को आम चुनाव के अंत तक गिरफ्तारी से रोक की मांग की गई थी।

दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे राय ने अपनी याचिका वापस लेना बेहतर समझा।

एक मई को वाराणसी के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी में एक कॉलेज की छात्रा ने उत्तर प्रदेश के घोसी से नवनिर्वाचित बसपा सांसद राय पर यौन शोषण का आरोप लगाया था ।

राय के वकील ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह बस आम चुनाव में बसपा नेता को प्रचार करने से रोकने और उन्हें चुनाव में हराने के लिए किया गया।

राय ने लोकसभा चुनावों में अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी हरि नारायण राजभर को 1,22,018 मतों से हराकर घोसी सीट जीती है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleविश्व कप से पहले टीम इंडिया की खराब बैटिंग पर जडेजा ने कह दी ये ब़डी बात
Next articleशाओमी एमआई Days Sale आज से शुरू, जानिये स्मार्टफोन्स पर मिल रहे ऑफर्स के ​बारे मे..
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here