न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री ने मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता जाहिर की

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क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुई गोलीबारी की घटना में 49 लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद शनिवार को न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता दर्शाते हुए कहा कि “यह वह न्यूजीलैंड नहीं है जिसे लोग जानते हैं।”

उन्होंने क्राइस्टचर्च कैंटरबरी रिफ्यूजी सेंटर में अपने 40 मिनट के संबोधन के दौरान यह टिप्पणी की जहां उन्होंने शुक्रवार के खूनी नरसंहार से सबसे ज्यादा प्रभावित देश के इस्लामिक समुदाय को एकता का संदेश दिया। शुक्रवार को बंदूकधारियों ने दो मस्जिदों में अंधाधुंध गोलीबारी की।

काले रंग की सलवार-कमीज पहने और सिर पर दुपट्टा ढके जेसिंडा ने मौजूद मीडिया और मुस्लिम नेताओं से कहा, “आपने तत्काल इस बात का उल्लेख किया कि यह वह न्यूजीलैंड नहीं है जिसे आप जानते हैं। मैं इस बात को आज फिर से दोहराना चाहती हूं। यह न्यूजीलैंड नहीं है”

उन्होंने कहा, “मस्जिद से शवों को निकालने का काम अब भी जारी है। आपातकालीन सेवाएं अभी भी डीन्स एवेन्यू मस्जिद से शवों को निकाल रही हैं जहां शुक्रवार को 41 लोग मारे गए थे।”

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि शनिवार तक सभी शव वहां से निकाल लिए जाएंगे।

जेसिंडा ने ऐलान किया कि अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूरे न्यूजीलैंड की मस्जिदों में पुलिस सुरक्षा जब तक जारी रहेगी जब तक कि यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि खतरा टल गया है।

क्राइस्ट चर्च में हुए हमले के आरोपी आस्ट्रेलियाई शख्स के खिलाफ और आरोप भी लगाए जाएंगे। 28 वर्षीय आरोपी शनिवार सुबह अदालत के समक्ष पेश हुआ और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।

टेलीविजन न्यूजीलैंड (टीवीएनजेड)के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उप प्रधानमंत्री विंस्टन पीटर्स और विपक्षी नेशनल पार्टी के नेता साइमन ब्रिजेस के साथ सेंटर का दौरा किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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