रायबरेली में न्यू फरक्का एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 7 की मौत, 35 घायल (राउंडअप)

0
166

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हरचंदपुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार तड़के न्यू फरक्का एक्सप्रेस की पांच बोगियां इंजन समेत पटरी से उतर गईं। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 अन्य घायल हैं।

स्थानीय लोगों और हरचंदपुर स्टेशन के स्टाफ के साथ एनडीआरएफ की टीम राहत अभियान में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2.2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी मृतकों के परिजनो को 5 लाख, घायलों को 1 लाख व मामूली रूप से चोटिल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।

इस मामले में उत्तर रेलवे के एडीआरएम काजी महाराज अलाम ने बताया कि 14003 न्यू फरक्का एक्सप्रेस बेपटरी हुई है। इसके लिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) का हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। परिजन बीएसएनएल-05412-254145 व रेलवे-027-73677 के नंबर पर सूचना प्राप्त कर सकते हैं।

सूचना के मुताबिक, हादसे में दो बच्चे व एक महिला समेत 7 लोगों की मौत हो गई है। रायबरेली ट्रेन हादसे का संज्ञान लेते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने एनडीआरएफ की दो टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया है। लखनऊ और वाराणसी से एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी हैं।

रायबरेली की एस.पी. सुजाता सिंह ने बताया कि अभी तक 7 लोगों की मौत हुई है। घायलों को जिले के अलग-अलग अस्पतालों में एडमिट कराया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को लखनऊ रेफर किया गया है। मौके पर डीएमए एसपी और सीएमओ भी मौजूद हैं। बचाव कार्य जिला प्रशासन की तरफ से चलाया जा रहा है।

ट्रेन फरक्का से चलकर रायबरेली होते हुए नई दिल्ली जा रही थी, तभी हरचंदपुर आउटर के पास गलत ट्रैक पर जाने की वजह से यह हादसा हो गया। फिलहाल रेलवे के अधिकारी मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। मौके पर स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस पहुंच चुकी है। घायलों की संख्या का अंदाजा नहीं लगाया जा सका है। बताया जा रहा है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फिलहाल हादसे के बाद रूट पर कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। ट्रेनों को अलग रूट से भेजने की तैयारी है।

रेल हादसे पर रेलमंत्री गोयल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। साथ ही मृतक आश्रितों व घायलों के मुआवजे का एलान कर दिया है।

गोयल ने रायबरेली में हुई रेल दुर्घटना में हताहत और घायलों के परिजनो के साथ गहरी संवेदना व्यक्ति की है। साथ ही कहा कि वह राहत कार्य के लिए रेलवे अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 5 लाख, घायलों को 1 लाख व मामूली रूप से चोटिल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रायबरेली रेल दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के लिए तत्काल उपचार और राहत कार्य के लिए निर्देश दिए हैं। योगी ने रायबरेली की रेल दुर्घटना में मृत यात्रियों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।

इस हादसे में 35 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर होने हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleयूथ ओलम्पिक (5 ए साइड हॉकी) : अर्जेटीना से हारीं भारतीय महिलाएं
Next articleमध्य प्रदेश में 2 करोड़ 82 लाख युवा मतदाता डालेंगे वोट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here