देश की 22 क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूती प्रदान करेगी नई शिक्षा नीति : Nishank

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नई शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय भाषाओं को सशक्त करने की विशेष व्यवस्था की गई है। शिक्षा नीति 2020 के जरिए 22 विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूती प्रदान की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक भारत की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संगीत, साहित्य, परंपरा एवं लोक भावनाओं का भी विकास किया जाएगा। सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नई शिक्षा नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा, “ेनई शिक्षा नीति के अंतर्गत किसी भी छात्र पर कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी। शिक्षा नीति के माध्यम से 22 भारतीय भाषाओं को सशक्त करने की जिम्मेदारी है। इन भाषाओं में हमारी परंपरा, गीत, संगीत, साहित्य एवं भावनाएं भी निहित हैं।”

निशंक ने कहा, “स्वर्णिम भारत की आधारशिला के रूप में नई शिक्षा नीति आई है। मैं यह समझता हूं कि यह सभी के लिए एक अच्छा अवसर है। सारी दुनिया आज हिंदुस्तान की तरफ देख रही है और हिंदुस्तान एक नए हिंदुस्तान के रूप में करवट ले रहा है। ऐसे में हम लोगों के हाथों में नई शिक्षा नीति आई है। हम इस बदलाव के साक्षी रहेंगे। ज्ञान, विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने सदैव ही विश्व का नेतृत्व किया है। नई शिक्षा नीति बहुत से बदलावों, सुधारों को लेकर आई है। फिर चाहे वह स्कूली शिक्षा हो, उच्च शिक्षा हो या फिर तकनीकी शिक्षा। छात्रों के लिए कहीं कोई बंधन नही हैं। यह शिक्षा नीति युग परिवर्तन का कारण बनेगी।”

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने विशेषतौर पर देशभर के शिक्षकों से आह्वान किया। शिक्षा मंत्री ने कहा, “शिक्षक वह आधार है जो कुछ भी कर सकता है। राष्ट्र निर्माण में अपने देश को शिखर तक पहुंचा सकता है। हम आज भी दुनिया में कहीं पीछे नहीं हैं। मैं जब आईआईटी, आईआईएम एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि हमारे यह संस्थान विश्वभर में नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति के विषय पर दिल्ली विश्वविद्यालय समेत देशभर के कई विश्वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के जरिए अध्यापकों एवं शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के फायदे एवं इसके विभिन्न प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शिक्षा नीति को लेकर कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार भी आयोजित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही शिक्षा नीति के विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों ही देशभर के राज्यपालों को संबोधित किया था।

न्यूज स्त्रोत आइएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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