नेहा व सोनू को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता : टोनी कक्कड़

0
40

गायक-संगीतकार टोनी कक्कड़ का कहना है कि उनकी और उनकी दो बहनों नेहा कक्कड़ और सोनू कक्कड़ के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।

आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में टोनी ने बहनों के साथ अपने संबंधों पर बात की और बताया कि कैसे वे उतार-चढ़ाव के समय में लगातार एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा, “सोनू दी, नेहा और मैं तीन शरीर और एक आत्मा की तरह हैं। हम एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखते। मुझे पता है कि वे मुझसे अधिक प्रसिद्ध हैं और मेरा सफर अभी शुरू हुआ है लेकिन मैंने कभी उनकी लोकप्रियता से असुरक्षित महसूस नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “हम एक दूसरे की बहुत मदद करते हैं और मैं उनकी लोकप्रियता का लाभ उठाने की कोशिश नहीं करता।”

कक्कड़ भाई-बहनों की संगीतमय यात्रा बचपन में ही शुरू हो गई थी। टोनी ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि कैसे वे दिल्ली में भजन, कीर्तर्नो में एक साथ मिलकर प्रस्तुति दिया करते थे।

उन्होंने कहा, “मैं छह साल की उम्र से गानों की रचना कर रहा हूं। हम (नेहा, सोनू और टोनी) दिल्ली में भजनों पर एक साथ प्रस्तुति देते थे। सोनू दी और नेहा गाते थे जबकि मैं उनके लिए गाने लिखता था और संगीत रचना करता था। उस समय मैं पीछे रहता था।”

नेहा और सोनू की लोकप्रियता ने टोनी को उद्योग में अपना नाम स्थापित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।

टोनी कई सिंगल गीतों ‘अंखियां’, ‘कार में म्युजिक बजा’ और ‘लोरी सुना’ के लिए काम कर चुके हैं, लेकिन उनकी ‘कोका कोला’ गीत के लिए काफी प्रशंसा की जा रही है।

इस गीत को उन्होंने 2018 में बनाया था जिसे कार्तिक आर्यन की हालिया फिल्म ‘लुका छुपी’ में रीक्रिएट किया गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleन्यूजीलैंड हमले के संदिग्ध पर हत्या का मामला दर्ज
Next articleइन तीन टेलीकाॅम कंपनियों के खास रिचार्ज के बारे में जानिये
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here