अवैध उत्पादों पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत : फिक्की

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उद्योग चैंबर फिक्की ने मंगलवार को कहा कि अवैध उत्पादों पर उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है, जो भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। फिक्की-सीएएससीएडीई(अर्थव्यवस्था को नष्ट करनेवाली नकली सामान बनाने और तस्करी गतिविधियों के खिलाफ समिति) की तरफ से नकली सामान बनाने और तस्करी से मुकाबला करने पर आयोजित संगोष्ठी में कहा गया कि अवैध उत्पादों से उद्योग को होनेवाले नुकसान में 44.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

फिक्की के बयान में कहा गया है, “अवैध उत्पाद भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं और उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। उद्योग से इससे होनेवाला नुकसान अनुमानित रूप से 1,05,381 करोड़ रुपये है, जो 44.4 फीसदी की वृद्धि है।”

फिक्की-सीएएससीएडीई रपट में अनुमान लगाया गया है कि अवैध उत्पादों के कारण भारत सरकार को केवल सात विनिर्माण क्षेत्रों में 39,239 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

फिक्की ने कहा, “जिन क्षेत्रों में नकली उत्पादों के कारण सरकार को सबसे ज्यादा नुकसान होता है, उनमें तंबाकू उत्पाद (9,139 करोड़ रुपये), मोबाइल फोन्स (6,705 करोड़ रुपये) और शराब (6,309 करोड़ रुपये) शामिल हैं।”

उद्योग मंडल के मुताबिक, भारत की सड़कों पर होने वाली 20 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण नकली उत्पाद होते हैं।

बयान में कहा गया है, “एफएमसीजी (तेज खपत उपभोक्ता वस्तु) क्षेत्र में बिकने वाले 30 फीसदी उत्पाद नकली होते हैं और 80 फीसदी उपभोक्ता मानते ैहैं कि वे असली उत्पाद खरीद रहे हैं। यह ध्यान दिए जाने योग्य है कि जो नकली उत्पाद पकड़े जाते हैं, वे कुल नकली उत्पाद का बहुत मामूली हिस्सा होते हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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