एक टीम के नाते मानसिक तौर पर मजबूत होने की जरूरत : प्लेसिस

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भारत के हाथों तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से मात खाने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने कहा है कि रणनीति की कमी के कारण उनकी टीम को इस तरह की हार का सामना करना पड़ा है। कप्तान ने साथ ही यह भी माना है कि उनकी टीम की बल्लेबाजी इस सीरीज में मानसिक तौर पर भी कमजोर रही।

उन्होंने कहा, “वह एक दम ठीक थे। मुझे लगता है कि भारत के तेज गेंदबाजों ने हमें बताया है कि गेंदबाजी किस तरह से की जाती है। जिस तेजी से उन्होंने गेंदबाजी की, हमारे तेज गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से नकार दिया। इसने हमें बताया है कि जब हम उपमहाद्वीप में खेलते हैं तो हमारी गेंदबाजी की शैली सफल नहीं है।”

डु प्लेसिस ने साथ ही कहा कि इस दौरे ने दक्षिण अफ्रीका टीम की रणनीति की कमी को भी उजागर कर दिया कि देश के बोर्ड ने हाशिम अमला और अब्राहम डिविलियर्स के बाद बल्लेबाजी के भविष्य के बारे में नहीं सोचा।

उन्होंने कहा, “यह हमें बताता है कि हमारा ढांचा वहां नहीं है जहां हमें होना चाहिए था। घरेलू क्रिकेट और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अंतर है। अगर आप तीन-चार साल पहले देखते हैं तो आप पाएंगे कि अगर हमारे पास ऐसा कोई होता जो यह कहता कि आने वाले तीन-चार साल में हमारे पास कई गैरअनुभवी खिलाड़ी होंगे। 34, 35, 36 साल के कई खिलाड़ी संन्यास ले चुके होंगे। तो आप आने वाले दिनों के लिए किस तरह से अपने आप को तैयार करना चाहते हो।”

दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, “संभवत: हम इस बात के दोषी हैं कि हमने इस बात को लेकर रणनीति नहीं बनाई की इन लोगों के जाने के बाद हम क्या करेंगे और अब आपको एक-दो खिलाड़ियों के विकल्प नहीं चाहिए बल्कि चार या पांच खिलाड़ियों के विकल्प चाहिए।”

डु प्लेसिस से जब भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें टीम को दोबारा से बनाना पड़ेगा।

कप्तान ने कहा, “यह टीम को दोबारा खड़ा करने का दौर है। आपको खिलाड़ियों को पहचानना होग जो टीम को आगे ले जा सकें। आपको टीम के अंदर अच्छे खिलाड़ियों को पहचानना होगा। इसके बाद आपकी प्रक्रिया शुरू होगी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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