एनसीएलटी ने वी2 रिटेल के खिलाफ इनसॉल्वेंसी याचिका स्वीकारी

0

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की दिल्ली पीठ ने रिटेल चेन वी2 रिटेल के खिलाफ एक इनसॉल्वेंसी याचिका स्वीकार कर ली है।

इनसॉल्वेंसी आवेदन इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की धारा 9 के तहत एक ऑपरेशनल ेक्रेडिटर टोटेम मीडिया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दाखिल किया गया है, जो विज्ञापन प्रिंट स्पेस बेचने सहित कई व्यापारिक गतिविधियों में शामिल है।

ऑपरेशनल क्रेडिटर के अनुसार, जुलाई 2018 से मई 2019 के दौरान विज्ञापन प्रिंट स्पेस खरीदने के लिए वी2 रिटेल द्वारा 24 इनवायस रेज किए गए, जिनमें से 86.61 लाख रुपये से अधिक की राशि ब्याज सहित बकाया रह गई।

ऑपरेशनल क्रेडिटर ने छह बार ई-मेल के जरिए भुगतान के लिए रिमाइंडर भेजे, लेकिन बकाया का भुगतान नहीं किया गया।

क्रेडिटर द्वारा भेजे गए एक नोटिस पर कॉरपोरेट लेनदार ने जवाब दिया कि इनवायसेस में अधिक और मनमाना दरें लगाई गई हैं।

वी2 रिटेल के अनुसार, उसने टोटेम मीडिया सॉल्यूशंस को 17.84 लाख से अधिक का भुगतान पहले ही कर दिया है और वी2 रिटेल के बैंक ने क्रेडिटर को 26.64 लाख रुपये का एक भुगतान दर्शाया है।

इनसॉलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के अनुसार, इस आदेश के बाद वी2 रिटेल के निदेशक मंडल के अधिकार निलंबित कर दिए गए हैं और इनसॉल्वेंसी शुरू होने की तिथि 25 जून, 2020 से पूरा अधिकार इनसॉल्वेंसी पेशेवर अमित गुप्ता के पास आ गया है।

वी2 रिटेल के सीएमडी रामचंद्र अगरवाल ने विशाल मेगामार्ट लिमिटेड की स्थापना 2001 में की थी, और ब्रांड ‘विशाल’ को 2011 में बेच दिया गया और उसके बाद वी2 रिटेल अस्तित्व में आया।

कंपनी ने पिछले सप्ताह दो स्टोर बंद करने की घोषणा की, जिसके बाद इस समय 73 स्टोर चालू हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleमंगला गौरी व्रत: शाम को पूजा के बाद जरूर पढ़ें मां मंगला गौरी की आरती
Next article8 लाख भारतीय कुवैत छोड़ने को हो सकते हैं मजबूर : रिपोर्ट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here