एनसीईआरटी ने बनाया 8 हफ्ते का वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर

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कक्षा 1 से 5 के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रखने के लिए 8 हफ्ते का वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी किया गया है। यह वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा बनाया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने प्राथमिक स्तर के छात्र-छात्राओं के लिए यह अकादमिक कैलेंडर जारी किया। इससे पहले पहले चार हफ्ते के लिए एक वैकल्पिक कैलेंडर अप्रैल में जारी किया गया था।

केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा, “यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि छात्रों को कम से कम समय कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बिताना पड़े। जिनके पास इंटरनेट सुविधा है वो भी और जिनके पास नहीं है वो भी, शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। अध्यापक विद्यार्थियों को मोबाइल पर एसएमएस भेजकर या फोन पर कॉल कर के उनका मार्गदर्शन करें। इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने की स्थिति में अध्यापक, अभिभावक और बच्चे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम, गूगल मेल और गूगल हैंगऑउट द्वारा एक दूसरे से जुड़ सकते हैं और पढ़ाई जारी रख सकते हैं।”

इस कैलेंडर में दिव्यांग बच्चों की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। ऑडियो बुक्स, रेडियो कार्यक्रमों आदि के द्वारा छात्रों की जरूरतों को पूरा किया जायेगा।

इस कैलेंडर की सबसे प्रमुख बात यह है कि इन गतिविधियों की मैपिंग छात्रों की सीखने के प्रतिफलों के साथ की गई है। इसके द्वारा अभिभावक और अध्यापक बच्चों की प्रगति पर भी नजर बनाये रखेंगे।

इस कैलेंडर में अनुभव आधारित शिक्षा के लिए कला और शारीरिक शिक्षा के साथ साथ योग भी शामिल किया गया है। तनाव और चिंता को दूर करने के तरीके भी इस कैलेंडर में सुझाये गए हैं।

फिलहाल इस कैलेंडर में चार भाषाओं के विषयों को शामिल किया गया है जिनमें संस्कृत, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी हैं। इस वैकल्पिक कैलेंडर में ई-पाठशाला, एनआरओईआर और दीक्षा पोर्टल पर अध्यायवार उपलब्ध सामग्री को भी शामिल किया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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