Navratri 2020: नवरात्रि में सात दिन रहेंगे विशेष संयोग, जानिए घटस्थापना का समय

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हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व को बहुत ही खास माना जाता हैं अभी अधिकमास चल रहा हैं इस साल शारदीय नवरात्रि 29 दिनों बाद यानी 17 अक्टूबर से शुरू हो रही हैं ज्योतिष के मुताबिक साल में कुल चार नवरात्रियां होती हैं दो गुप्त, आषाढ़ व माघ मास की और दो उजागर चैत्र व आश्विन मास, चारों नवरात्रियों में माता के विविध रूपों की पूजा अर्चना व व्रत किया जाता हैं तो आज हम आपको नवरात्रि पर्व में घटस्थापना का समय बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।

वही शारदीय नवरात्रि की प्रधानता है कि इसमें माता के नव रूपों की अलग अलग पूजा की जाती हैं इस साल नवरात्रि की शुरूवात चित्रा नक्षत्र में हो रही हैं जो शुभ नहीं होता हैं देवी भागवत्व रुद्रामल तंत्र की मान्यता है कि नवरात्रि का आरम्भ चित्रा नक्षत्र में हो तो धन का नाश हो जाता हैं चित्रा व वैधृति के शुरू के तीन अंश त्यागकर चौथे में घटस्थापना की जाना चाहिए। घटस्थापना का समय प्रात: काल का है ऐसे में प्रात: 7.30 बजे के बाद ही शुभ मुहूर्त में घट स्थापना होगी। वही ज्योतिष अनुसार इस साल की नवरात्रि कुछ खास योग संयोग लेकर आ रही हैं चार सर्वार्थसिद्धि योग हैं 17, 19, 23 व 24 अक्टूबर को ये योग हैं सिद्धि महायोग 18 व 24 अक्टूबर को है जबकि 17, 21 व 25 अक्टूबर को अमृत योग हैं।

वही 18 अक्टूबर को प्रीति, 19 अक्टूबर को आयुष्मान, 20 अक्टूबर को सौभाग्य व 21 अक्टूबर को ललिता पंचमी है बुधवार व शोभन योग का दुर्लभ संयोग देवी भक्तों को प्राप्त हो रहा हैं। नवरात्रि में 17 अक्टूबर, प्रतिपदा, शनिवार को मां शैलपुत्री की पूजा हैं। 18 अक्टूबर द्वितीया, रविवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती हैं 19 अक्टूबर तृतीया, सोमवार को मां चन्द्रघंटा की पूजा, 20 अक्टूबर चतुर्थी मंगलवार के दिन मां कुष्मांडा की पूजा, 21 अक्टूबर पंचमी बुधवार को मां स्कंदमाता और 22 अक्टूबर षष्ठी गुरुवार को मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी। 23 अक्टूबर, सप्तमी शुक्रवार को मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी। 24 अक्टूबर को महाष्टमी शनिवार को मां महागौरी व 25 अक्टूबर महानवमी, रविवार को मां सिद्धिदात्री के साथ ही नवगदुर्गा का समापन होगा।

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