नेशन्स लीग : इजरायल ने किया उलटफेर, स्कॉटलैंड को हराया

0
49

इजरायल ने यूरोपीय नेशन्स लीग के अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले में उलटफेर करते हुए गुरुवार देर रात यहां स्कॉटलैंड को 2-1 से शिकस्त दी। बीबीसी के अनुसार, स्कॉटलैंड के खिलाड़ी जॉन सोउटार को 61वें मिनट में दूसरा पीला कार्ड मिलने के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा जिसका असर मेहमान टीम के खेल पर भी दिखा।

मैच की शुरुआत हालांकि, स्कॉटलैंड के लिए शानदार रही और मेहमान टीम को 25वें मिनट में ही पेनाल्टी मिली। चार्ली मुलग्रियू ने मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।

दूसरे हाफ में बराबरी का गोल करने में इजरायल ने ज्यादा समय नहीं लगा। 52वें मिनट में डोर पेरट्ज ने मेजबान टीम के लिए शानदार गोल दागा।

इसके आठ मिनट बाद सोउटार को मैदान से बाहर जाना पड़ा जिसके कारण मेहमान टीम रक्षात्मक शैली की फुटबाल खेलना शुरू कर दिया।

मैच के 74वें मिनट में स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ने अपने 18 गज के बॉक्स में गलती की। कीरन टियरने ने ओन गोल किया जिसके कारण मेजबान टीम ने मैच में पहली बार बढ़त बना ली।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleजब बंटी देने गया नौकरी के लिए इंटरव्यू
Next articleजानिए कार में सामान्य इंजन और टर्बो चार्ज्ड इंजन में कितना है अंतर..?
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here