नेशनल जूट मैन्युफैक्चर्स, सहयोगी इकाई बंद होगी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल जूट मैन्युफैक्च र्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनजेएमसी) और इसकी सहायक कंपनी बर्डस जूट एंड एक्स्पोर्ट्स लिमिटेड (बीजेएईएल) को बंद करने को मंजूरी प्रदान कर दी। मंत्रिमंडल की बैठक की जानकारी संवाददाताओं को देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “सरकार ने पिछले 25 सालों में इन दोनों कंपनियों को चलाने की काफी कोशिश की। जो निजी संचालक आए वे भी भाग गए। मंत्रिमंडल ने इन दोनों कंपनियों को बंद करने का फैसला किया है।”

कंपनी मुख्य रूप से अनाज के लिए जूट की बोरी बनाती थी। पिछले कई सालों से जूट की बोरी की मांग घटती जा रही है, इसलिए एनजेएमसी को चलाना फायदे का सौदा नहीं रह गया था।

सरकारी बयान के अनुसार, तयशुदा परिसंपत्तियों और चालू परिसंपत्तियों का निष्पादन 14/06/2018 के डीपीई के दिशानिर्देशों के अनुसार होगा और देनदारियों को पूरा करने के बाद परिसंपत्तियों की बिक्री से हुई प्राप्तियां भारत की संचित निधि में जमा कराई जाएंगी।

बयान में कहा गया है कि इस निर्णय से सरकारी कोष को दोनों बीमार सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को चलाने में आ रहे आवर्ती खर्च को कम करने का लाभ मिलेगा। इस प्रस्ताव से घाटे में चलने वाली कम्पनियों को बंद करने में मदद मिलेगी और उपयोगी कार्य के लिए या विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए मूल्यवान परिसंपत्तियों को जारी करना सुनिश्चित होगा।

दोनों सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की जमीन का उपयोग सार्वजनिक/समाज के समग्र विकास के लिए सरकारी कार्य के लिए किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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