पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता का नाम ईसीएल से हटा

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पाकिस्तान के एक न्यायालय ने एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से एक मानवाधिकार कार्यकर्ता का नाम हटा दिया है। मीडिया को गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, मामले की सुनवाई के बाद गुलालाई इस्माइल का नाम ईसीएल से हटा दिया गया। डॉन न्यूज के अनुसार, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आमेर फारूक ने इस्माइल की एक याचिका पर 10 जनवरी को सुनाए गए अपने फैसले को सुरक्षित रखा है, जिसमें इस्माइल ने सरकार द्वारा उनका नाम ईसीएल में डालने जाने को चुनौती दी थी।

न्यायालय ने आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय को सटीक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए उनके पासपोर्ट की संदिग्धता की जांच आईएसआई के संरक्षण में करने की मंजूरी भी दे दी थी।

नवंबर, 2018 में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय को यह सूचना दी गई थी कि आईएसआई ने गुलालाई का नाम ईसीएल में डालने के निर्देश दिए हैं। आईएसआई के अनुसार, इस्माइल ने विदेश में कई गैर-कानूनी कार्यो को अंजाम दिया है, जिसकी वजह से उसके खिलाफ निर्णय लिया गया।

अपनी याचिका में गुलालाई ने यह साबित किया कि 12 अक्टूबर को पाकिस्तान लौटने के दौरान उन्होंने अपने पासपोर्ट और कागजात फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी को सौंप दिए थे, जिस वजह से एफआईए को उन पर शक हुआ। उन्होंने बाद में इस्लामाबाद के एफआईए ऑफिस में अपने पाकिस्तान पहुंचने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी भी दी थी।

गुलालाई महिला जागरूकता के लिए काम कर रहे एक गैर-सरकारी संगठन की अध्यक्ष हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में किए गए उनके कार्यो के लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं।

उन्होंने न्यायालय में ईसीएल से अपना नाम हटाने और एफआईए को उनका पासपोर्ट लौटाने का निर्देश देने की गुजारिश की थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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