योजना /‘नल से जल’ कार्यक्रम में राज्यों को करना होगा 1,80,000 करोड़ रुपए का खर्च

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जयपुर। देश के हर घर में जल्द पहुंचाने और नल सेजल पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के महत्व कौन सी परियोजना जल जीवन मिशन का आधा खर्च राज्यों को उठाना होगा इस बात की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के संग जरिए सामने आई है.

बताया जा रहा है कि अगस्त से शुरू होने वाले इस अभियान के लिए अगले 5 साल में अपने खजाने से करीब 180000 करोड रुपए खर्च करने होंगे और इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक केंद्र प्रायोजित योजना जल जीवन मिशन को अगस्त 2019 से 2024 तक चलाने का प्रस्ताव किया गया है.

वहीं इसके अलावा एक हिंदी अखबार के मुताबिक इस योजना पर जो भी खर्च आएगा उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 50 50% के अनुदान पर अनुपात पर उठाया जाएगा वहीं हालांकि पूर्वोत्तर के 8 राज्य और हिमालई राज्य जिसमें उत्तराखंड जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को शामिल किया गया है इन राज्यों के इस खर्च का अनुपात र केंद्र और राज्य के बीच में 90:10 का रहेगा.

1 केंद्र शासित प्रदेशों में आने वाले पूरे खर्च को केंद्र सरकार द्वारा वहन कर आ जाएगा और मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जल जीवन मिशन पर कुल 360000 करोड रुपए खर्च करने का अनुमान बताया जा रहा है जिसके चलते ₹180000 का खर्च राज्य में खर्च किया जाएगा.

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि अगले 5 साल में मनरेगा से लगभग 100000 करोड रुपए की राशि का इस्तेमाल जल्द से जल्द से जल्द कार्यक्रम के पूरा करने के लिए किया जा सकता है.

वहीं इसके अलावा मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में पेयजल आपूर्ति मंत्रालय और स्वच्छता विभाग मंत्रालय को मिलाकर जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है और इसके साथ ही एक जुलाई से जल शक्ति मशीन की भी शुरुआत करी गई है और यह मिशन पाली की किल्लत से जूझ रहे देश के करीब 255 जिलों में चलाया जा रहा है.

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