मुंबई सिटी एफसी ने दूसरा प्री-सीजन मैच जीता

0
181

मोदोउ सूउगो के चार गोलों की बदौलत इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) क्लब मुंबई सिटी एफसी ने नए सीजन के आगाज से पहले यहां रविवार को लामपांग एफसी को 6-2 से करारी शिकस्त दी। फ्रेंच क्लब ओलम्पिक डी मार्सिले के पूर्व खिलाड़ी सूउगो ने 14वें मिनट में मुंबई के लिए अपना पहला गोल दागा।

पहला हाफ समाप्त होने से पहले राफेल बास्तोस ने गोल करके मुंबई की बढ़त को दोगुना कर दिया।

दूसरे हाफ में भी मुंबई ने अपने आक्रामक खेल को जारी रखा। 53वें मिनट में सूउगो ने मैच का अपना दूसरा गोल किया। इसके कुछ मिनट बाद सूउगो ने अपनी हैट्रिक पूरी की।

थाईलैंड की लीग-2 में खेलने वाले लामपांग एफसी ने 63वें मिनट में मैच का पहला गोल किया। लामपांग की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और सूउगो ने 25 गज की दूरी से मैच का चौथा गोल दागा।

मुंबई 5-1 की बढ़त बनाने के बाद भी नहीं रुकी और प्रांजल भूमजी ने गोल करके स्कोर 6-1 कर दिया। लामपांग के लिए दूसरा गोल चोक ने दागा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleउत्तर प्रदेश : 14 सितंबर तक अपलोड किए जा सकेंगे कृषि यंत्र खरीद का बिल
Next articleउत्तर प्रदेश : यमुना में नहाने गए 2 युवकों की डूबकर मौत
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here