Mumbai City ने बोमौस के साथ करार की घोषणा की

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इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम मुम्बई सिटी एफसी ने लीग के आगामी सातवें सीजन से पहले फ्रांसीसी-मोरक्को के मिडफील्डर ह्यूगो बोमौस के साथ करार करने की शनिवार को घोषणा की। बोमौस इससे पहले एफसी गोवा का हिस्सा थे। वह 2022 तक मुम्बई सिटी एफसी के साथ बने रहेंगे।

बोमौस ने कहा, ” मुम्बई सिटी एफसी जैसे क्लब के साथ जुड़ना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि मेरे कोच सर्जियो लोबेरा के साथ बहुत अच्छे संबंध है।”

बोमौस ने आगे कहा, ” वह जानते है कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे कर सकता हूं। मैं उनके साथ काम करने और अपने नए साथियों से मिलने को लेकर उत्साहित हूं। मेरा पिछला सीजन अच्छा रहा था और मैं इससे भी अच्छा बनान चाहता हूं।”

25 साल के बोमौस ने ने 2019-20 में गोवा की टीम की तरफ से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने 15 मैचों में 10 गोल किए थे और आईएसएल की गोल्डन बॉल अपने नाम किया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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