एमटीएनएल ने कर्मचारियों के वेतन के लिए डीओटी से मांगा 500 करोड़ रुपये

0
89

लगातार तीसरे महीने जनवरी में अपने कर्मचारियों को वेतने देने में असमर्थ महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) का दूरसंचार विभाग (डीओटी) पर 2000-13 की अवधि के लिए 500 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है।

एमटीएनएल ने डीओटी से एमटीएनएल में आए कर्मचारियों को भुगतान किए जाने वाले पेंशन और जीपीएफ की प्रतिपूर्ति के लिए कुल 488 करोड़ रुपये की मांग की है। इसके अलावा एमटीएनएल ने डीओटी कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाली दूरभाष सेवा की प्रतिपूर्ति की भी मांग की है।

डीओटी ने इस अवधि के दौरान एमटीएनएल की जमीन और भवन लीज पर दिया जिसके लिए कंपनी ने 12 करोड़ रुपये किराए की मांग की है।

डीओटी के सूत्रों के अनुसार, इस रकम से 200 करोड़ रुपये एमएटीएनएल के कर्मचारियों को जनवरी महीने के वेतन पर खर्च होंगे।

डीओटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग एमटीएनएल के बिल की जांच कर रही है और वेतन का भुगतान करने के लिए कुछ नकदी जारी की जाएगी। बाकी रकम एमटीएनएल के 500 करोड़ रुपये के दावों के समर्थन में पेश दस्तावेजों की जांच के बाद दी जाएगी।

एमटीएनएल के पास करीब 23,000 कर्मचारी हैं। एमटीएनएल पहले कर्मचारियों को पेंशन देती थी लेकिन तीन साल पहले डीओटी ने एमटीएनएल के कर्मचारियों के पेंशन के लिए वित्तपोषण शुरू किया।

एमटीएनएल का घाटा 30 सितंबर 2018 को समाप्त हुई तिमाही में बढ़कर 859 करोड़ रुपये हो गया, जिसका मुख्य कारण वित्तीय लागत में वृद्धि और बिक्री में कमी रही।

कर्ज में चल रही कंपनी को एक साल पहले की इसी अवधि में 730.64 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

कंपनी के स्टॉक की कीमत सोमवार को 12.20 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जोकि पिछले सत्र से एक फीसदी अधिक है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleहग डे स्पेशल : हग डे को बनाना है खास तो करे ऐसा गर्लफ्रेंड हो जाएगी खुश
Next articleभगवान शिव का जीवित रुप होते है यह इंसान, प्रसन्न होने पर रंक को भी बना देते हैं राजा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here