MTARका ipo अंतिम दिन 87 गुना सब्सक्राइब हुआ आईपीओ, ग्रे मार्किट 80% के पार

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MTAR टेक्नोलॉजी के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिल रहा है. इश्यू के अंतिम दिन 5 मार्च को दोपहर 2 बजे तक आईपीओ करीब 87 गुना सब्सक्राइब हो गया है. रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व पोर्सन को अबतक करीब 24 गुना बोलियां मिली हैं. वहीं ग्रे मार्केट में MTAR टेक्नोलॉजी का प्रीमियम भी बढ़ रहा है. ग्रे मार्केट में यह इश्यू प्राइस से 80 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा है. कंपनी ने 3 मार्च को अपना आईपीओ लॉन्च किया था. कंपनी के बेहतर बिजनेस मॉडल को देखते हुए ज्यादातर एक्सपर्ट इसे लेकर पॉजिटिव हैं.

MTAR टेक्नोलॉजी के आईपीओ को अबतक 87 गुना बोलियां मिली हैं. रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व पोर्सन अबतक 24 गुना भरा है, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रिजर्व पोर्सन को अबतक 290 गुना बोलियां मिली हैं. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बॉयर्स के लिए रिजर्व पोर्सन को 46 गुना बोलियां मिली हैं.MTAR टेक्नोलॉजी का शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस से 490 रुपये बढ़त के साथ ट्रेड कर रह है. यानी इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 85 फीसदी प्रीमियम पर. IPO का प्राइस बैंड 574-575 रुपए रखा गया है और फेस वैल्यू 10 रुपए प्रति इक्विटी शेयर है. IPO का लॉट साइज 26 शेयरों का है, यानी कम से कम 14950 रुपये निवेश करना जरूरी है. आईपीओ के तहत 123.52 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा और 472.90 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल होगा.

MTAR टेक्नोलॉजी डिफेंस, एयरोस्पेस और एनर्जी सेक्टर के क्षेत्र में पिछले 4 दशक से अपनी सेवाएं दे रही है. क्लाइंट लिस्ट में ISRO, NPCIL, DRDO, ब्लूम एनर्जी, राफेल जैसे नाम शामिल हैं. MTAR टेक ने प्री आईपीओ प्लेसमेंट के जरिये हाल ही में SBI म्यूचुअल फंड्स और Axis म्यूचुअल फंड्स से 540 रुपये प्रति शेयर के भाव से 100 करोड़ रुपये जुटाये थे. इससे कंपनी की वैल्यूएशन 1660 करोड़ रुपये हो गई है. कंपनी की ऑर्डर बुक भी काफी मजबूत है. कंपनी पर कर्ज भी बहुत कम है.सैमको सिक्योरिटीज की इक्विटी रिसर्च हेड, निराली शाह का कहना है कि MTAR टेक्नोलॉजी आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आना कर्ज कम करने में करेगी. वहीं वर्किंग कैपिटल की जरूरतों में भी फंड का इस्तेमाल किया जाएगा. MTAR टेक्नोलॉजी डिफेंस, एयरोस्पेस और एनर्जी सेक्टर के क्षेत्र में सर्विस देने वाली प्रमुख कंपनी है. क्लाइंट लिस्ट में ISRO, NPCIL, DRDO, ब्लूम एनर्जी, राफेल जैसे नाम शामिल हैं. सरकार का मेक इन इंडिया के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस है.

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