अजीत जोगी के निधन पर मध्य प्रदेश में शोक

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अविभाजित मध्यप्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहने के बाद राजनीति के क्षेत्र में आकर छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री होने का गौरव पाने वाले अजीत जोगी के निधन पर विभिन्न राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया है। जोगी का शुक्रवार को रायपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया।

जोगी के निधन पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जोगी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन में प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के लिए स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने दिवंगत नेता जोगी की आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना ईश्वर से की है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जोगी के निधन पर कहा, “जोगी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। उनके परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान व पीछे परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।”

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जोगी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “अजीत जोगी के दुखद देहांत के समाचार सुनकर बेहद दुख हुआ। मेरे निजि मित्र व साथी थे। परिपक्व राजनीतिज्ञ व कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। मैं उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने जोगी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जोगी का छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। उनके निधन से एक बड़ी राजनीतिक क्षति हुई है। ईश्वर उन्हें श्रीचरणों मे स्थान दें। उनके परिजनों को ईश्वर संबल दे।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष और अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह ने जोगी के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि जोगी सीधी के कलेक्टर रहे और अर्जुन सिंह के सपर्क में आकर उनके विश्वस्त बन गए। उसके बाद आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गए। उनका संयुक्त मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण योगदान है।

छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ ने जोगी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन की दुखद खबर सुनकर मन व्यथित है। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस मुश्किल घड़ी में यह आघात सहन करने का संबल प्रदान करें।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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