मां करती है घरों में काम, बेटी ने किया NEET Exam में कमाल

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दिल्ली के सरकारी स्कूल आरपीवीवी, रोहिणी सेक्टर 11 में पढ़ने वाली तमन्ना गोयल का नीट परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 173 (ईडब्ल्यूएस श्रेणी 11 रैंक) है। उन्हे 720 में से कुल 695 अंक मिले। तमन्ना की मां आसपास के घरों में काम करती हैं और पिता के पास कोई निश्चित रोजगार नहीं है। दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ चुके छात्रों में से जेईई मेंस में 443 छात्रों ने और नीट में 569 बच्चों ने सफलता हासिल की है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों की 379 छात्राओं ने नीट की परीक्षा पास की है।

चार छात्रों ने टॉप 500 में स्थान हासिल किया है। कुल 26 स्टूडेंट्स ने टॉप 5000 में स्थान हासिल किया। आरपीवीवी, पश्चिम विहार के पांच स्टूडेंट सफल हुए, जो किसी भी स्कूल से सबसे ज्यादा हैं।

जेईई में सफल हुए आरपीवीवी, पश्चिम विहार के आयुष बंसल ने 180 अंकों के साथ 189 रैंक (जनरल-ईडब्ल्यूएस श्रेणी) हासिल किया है। उन्हे आईआईटी रुड़की में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उसके पिता महज पांच हजार रुपये मासिक पर एक पुस्तक दुकान में काम करते हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या है।

आरपीवीवी, द्वारका सेक्टर 19 के निखिल ने 154 अंक लेकर 678 रैंक (ओबीसी श्रेणी) हासिल किया है। उसे आईआईटी मुम्बई में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उनके पिता एक साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं और मां गृहणी हैं।

आरपीवीवी, पश्चिम विहार के गर्वित बत्तरा को 116 अंक मिले हैं और 1228 रैंक (सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी) हासिल हुई है। उसे आईआईटी खड़गपुर में इंडस्ट्रियल एंड सिस्टम इंजीनियरिंग में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उसके पिता एसी मैकेनिक हैं और मासिक आय मात्र 8000 है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने सभी सफल बच्चों को बधाई देते हुए कहा, “आपके लिए एक खुशखबरी है। पिछले कई दिनों से कोरोना और प्रदूषण की वजह से रोज तनाव की खबरें आती हैं। इसी महामारी के दौरान और इतने मुश्किल दौर में दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों के शानदार नतीजे आए हैं। पूरे देश में डॉक्टर बनने और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए जो एनईईटी की परीक्षा होती है, उसमें दिल्ली सरकार के स्कूलों के 569 बच्चों ने सफलता हासिल की है। इन 569 बच्चों में से 379 लड़कियां हैं यानि 67 फीसदी लड़कियां हैं और लड़कियों ने बड़ा शानदार प्रदर्शन किया है।”

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, “जिन बच्चों ने प्राइवेट-सरकारी स्कूल से 12वीं पास की है, लेकिन उनके मां-बाप के पास पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है और बच्चों को कॉलेज में एडमिशन मिल गया है, तो दिल्ली सरकार से बिना कुछ गिरवी रखे 10 लाख रूपए तक का लोन ले सकता है और अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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