मोटेरा की नई विकेट पर स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद : Rohit Sharma

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भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट में मोटेरा स्टेडियम की नई विकेट पर दूसरे टेस्ट की तरह ही स्पिनरों को मदद मिलेगी। भारत और इंग्लैंड की टीमें बुधवार से मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में चार मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेलेगी, जोकि डे-नाइट खेला जाएगा। 1 लाख 10 हजार क्षमता वाले इस स्टेडियम में इस मैच के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो रही है।

रोहित ने रविवार को मीडिया से कहा, ” मुझे पिच में ऐसा कुछ भी बदलाव नजर नहीं आ रहा है जोकि दूसरे टेस्ट मैच से अलग हो। यह (विकेट) भी कमोबेश वैसा ही होने वाला है। यहां भी टर्न होने वाली है। हां, हम उसी के अनुसार तैयारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हमें अभी भी पिच का आकलन करने की जरूरत है और यहां क्या होने वाला है।”

उन्होंने कहा, ” हमारा ध्यान (सोमवार को अभ्यास के दौरान) रोशनी और नई सीटों पर होगा क्योंकि वे चमकदार होंगे। हमारे पास कल एक लंबा दिन होगा। हमें स्लिप कैचिंग और आउटफील्ड कैच लेने का अभ्यास करेंगे। आप जिस भी नए मैदान में जाते हैं, आप उन बत्तियों, परिवेश, मैदान के वातावरण का उपयोग करने की कोशिश करते हैं। हर कोई 10-20 मिनट तक व्यक्तिगत तौर पर अलग-अलग तैयारी करेगा ताकि आउटफील्ड और लाइट्स का उपयोग किया जा सके।”

दोनों टीमों के बीच चार मैचों की सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर है। भारत को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के लिए क्वालीफाई करने के लिए कम से कम दो टेस्ट जीतने की जरूरत है।

रोहित ने कहा, ” आपको बस प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करना है और ज्यादा दूर की नहीं सोचना है। यदि आप बहुत आगे की सोच रहे हैं, तो यह आपको दबाव में रखता है। यदि आप कोशिश करते हैं और वर्तमान में रहते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि आप उस दबाव को महसूस करेंगे।”

सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा, “यह पांच दिन का खेल है, इसलिए ध्यान और दबाव हर दिन बदलता है। मुझे लगता है कि वर्तमान में बने रहना और यह सोचना बहुत जरूरी है कि उस दिन हमें क्या करना है। हमें छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। जब आप उन छोटी चीजों को सही तरीके से करते हैं, तो यह अंतत: आपको वही मिलेगा जो आप हासिल करना चाहते हैं।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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