मोर्निंग न्यूज बुलेटिन, रविवार 14 अक्टूबर, डालिए एक नजर बडी खबरों पर !

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न्यायाधीश की पत्नी और बेटे को मारी गोली, घायल

गुरुग्राम के एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की पत्नी और बेटे को शनिवार को कथित रूप से उनके ही सिक्योरिटी गार्ड ने गोली मार दी।

प्रधानमंत्री को धमकी वाला कोई ईमेल नहीं मिला : दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी वाला ई-मेल नहीं मिला है। एक अधिकारी ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी।

शिवसेना की चेतावनी, साबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर होगी सामूहिक आत्महत्या

शिवसेना की केरल इकाई ने शनिवार को चेतावनी दी कि प्रदेश के साबरीमाला मंदिर में अगर 10 से 50 साल तक की महिलाओं को प्रवेश दिलाई जाएगी तो उनके सदस्य सामूहिक आत्महत्या करेंगे।

उप्र : समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के 3 जिलाध्यक्ष घोषित

समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल यादव ने संगठन का विस्तार करते हुए शनिवार को तीन जिलों-महानगरों का अध्यक्ष और एक महासचिव नियुक्त किया।

पैरा एशियाई खेल : 72 पदकों के साथ भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन


भारत ने शनिवार को यहां संपन्न हुए पैरा-एशियाई खेलों में कुल 72 पदक अपने नाम किए जो इन खेलों के इतिहास में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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