मोर्निंग न्यूज बुलेटिन, सोमवार 10 सितंबर, अब तक की बड़ी खबरें !

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ओडिशा में मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतरे

ओडिशा के कोरापुट जिले में रविवार को एक मालगाड़ी के कम से कम 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। मालगाड़ी में नाल्को के अलुमिना पाउडर लदे थे।

जम्मू कश्मीर : कुपवाड़ा में पुलिसकर्मी मृत मिला

जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में रविवार को एक बैंक गार्ड के कक्ष में एक पुलिसकर्मी को मृत पाया गया।

आम आदमी पार्टी भारत बंद में शामिल नहीं होगी

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस द्वारा आहूत सोमवार के भारत बंद में शामिल नहीं होगी।

2019 जीतेंगे, 50 साल तक सत्ता में रहेंगे : अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को यहां कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव तो वह जीतेंगे ही और उसके बाद 50 सालों तक कोई उन्हें हरा नहीं पाएगा।

मुंबई सिटी एफसी ने दूसरा प्री-सीजन मैच जीता


मोदोउ सूउगो के चार गोलों की बदौलत इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) क्लब मुंबई सिटी एफसी ने नए सीजन के आगाज से पहले यहां रविवार को लामपांग एफसी को 6-2 से करारी शिकस्त दी।


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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