भारत में कोरोना से 70 फीसदी से ज्यादा रोगी ठीक हुए : सरकार

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि प्रभावी कंटेनमेंट रणनीति, मानकीकृत क्लिनिकल प्रबंधन के साथ आक्रामक और प्रभावी टेस्टिंग को सफलतापूर्वक लागू करने से देश का रिकवरी रेट 70 प्रतिशत के पार हो गई है। भारत में कोरोनावायरस के 23 लाख से ज्यादा मामले हैं और 46,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं देश में हर दो दिनों में मामले एक लाख के पार हो रहे हैं। वहीं रिकवरी और एक्टिव केस के बीच अंतर भी रोज तेजी से बढ़ रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, “बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 56,110 लोग ठीक हुए हैं। केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के समन्वित प्रयासों से रोजाना औसत रिकवरी बढ़ रही है। रिकवरी रेट एक नए रिकार्ड 70.38 प्रतिशत पर पहुंच चुके हैं।”

कुल 2,329,638 लोगों में से 1,639,599 लोग ठीक हुए हैं। देश में वास्तव केसलोड सक्रिय मामलों का है। देश में सक्रिय मामलों की संख्या 6,43,948 है और यह कुल मामलों का 27.64 प्रतिशत है।

जुलाई के पहले सप्ताह में, रोजाना 15,000 मामले आ रहे थे, जो अगस्त के पहले सप्ताह में बढ़कर रोजाना 50 हजार से ज्यादा हो गए।

इसके अलावा, प्रभावी क्लिनिकल इलाज, एंबुलेंस और समयबद्ध इलाज के समन्वय से मृत्युदर में कमी आई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट रणनीति ने 24 घंटे में 7,33,449 टेस्ट का नया रिकार्ड हासिल किया है। इससे यहां कुल टेस्टों की संख्या 2.6 करोड़ से ज्यादा हो गई। प्रति 10 लाख टेस्ट भी बढ़कर 18,852 हो गए हैं।

मंत्रालय ने कहा, “इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए, देश में टेस्टिंग लेब नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। आज की तारीख में लैबों की संख्या 1,421 है, जिसमें से 944 लैब सरकारी सेक्टर में और 477 लैब निजी क्षेत्र में हैं।”

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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