टेस्ट क्रिकेट से ब्रेक लेंगे मोइन अली

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इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोइन अली ने टेस्ट क्रिकेट से ब्रेक लेने का निर्णय लिया है। अली को हाल में केंद्रीय अनुबंध में भी शामिल नहीं किया गया था। हालांकि, उन्हें सीमित ओवर के प्रारूपों के लिए बनाई केंद्रीय अनुबंध की सूची में शामिल किया गया था जो यह दर्शाता है कि वनडे एवं टी-20 में उनकी जगह अभी भी सुरक्षित है।

ब्रेक लेने के कारण मोइन न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में भी नहीं खेलेंगे। मोइन ने कहा, “मुझे लगता है कि मुझे लंबे प्रारूप से ब्रेक की जरूरत है, लेकिन बड़े ब्रेक की नहीं। हम देखेंगे कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद क्या होता है।”

उन्होंने कहा, “केंद्रीय अनुबंध में शामिल न होना निराशाजनक है, लेकिन मैं इसे लेकर परेशान नहीं हूं। क्रिकेट कभी भी मेरे लिए धन के बारे में नहीं रहा है। मैंने हमेशा खुद पर भरोसा किया है और विश्वास करता हूं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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