मोइन अली लॉर्ड्स टेस्ट से बाहर

0

इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया के साथ लॉर्डस में 14 अगस्त से शुरू होने वाले दूसरे एशेज टेस्ट के लिए मोइन अली की जगह लेफ्ट आर्म स्पिनर जैक लीच को टीम में शामिल किया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मोइन ने बर्मिघम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 172 रन देकर मात्र तीन विकेट लिए थे। इस मैच में इंग्लैंड को 251 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

लीच ने अब तक पांच टेस्ट मैच खेले हैं। लीच के अलावा तेज गेंदबाज जोफरा आर्चर को भी टेस्ट में पदार्पण करने का मौका मिल सकता है जबकि अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और ओली स्टोन चोट के कारण इस मैच से बाहर रहेंगे।

इंग्लैंड टीम : जोए रूट (कप्तान),जोफरा आर्चर, जैसन रॉय, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), स्टुअर्ट ब्रॉड, रोरी बर्न्‍स, जोस बटलर, सैम कुरेन, जोए डेनली, जैक लीच, बेन स्टोक्स, क्रिस वोक्स।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleदिल्ली : पूर्व भाजपा विधायक के खिलाफ बहू से दुष्कर्म का मामला दर्ज
Next articleमुख्यमंत्री योगी का 4 दिवसीय रूस दौरा आज से, तलाशेंगे व्यापारिक संभावनाएं
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here