हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने पर मोदी का विपक्ष पर हमला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में अपनी हार के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने को लेकर बुधवार को विपक्षी दलों पर हमला किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संसद में अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में जवाब देते हुए मोदी ने लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के विचार पर चर्चा के लिए उनके द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग नहीं लेने के लिए विपक्ष की आलोचना की।

उन्होंने ईवीएम का विरोध करने वालों पर तकनीक विरोधी होने का आरोप लगाया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “सदन में कुछ लोग ईवीएम के बारे में बात करते रहे हैं.. एक समय था जब हम संसद में हमारे सिर्फ दो सांसद थे। लोग हमारा मजाक उड़ाते थे, लेकिन हमने कठिन परिश्रम किया और लोगों का विश्वास जीता।”

मोदी ने कहा, “हमने कोई बहाना नहीं बनाया।”

उन्होंने सभी से देश की चुनाव प्रक्रिया की सराहना करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “1950 के दशक में मतदान प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगता था। कुछ स्थानों पर हिंसा और बूथ पर कब्जा करने की बात आम थी। अब मतदाताओं की संख्या बढ़ने की खबरें आती हैं। यह स्वस्थ संकेत है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि ईवीएम से बहुत से चुनाव कराए गए, जिससे विभिन्न पार्टियो को कई राज्यों में सरकार चलाने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा, “फिर आज ईवीएम पर सवाल क्यों?”

मोदी ने कहा कि 1992 से 113 विधानसभा व चार लोकसभा चुनाव ईवीएम के जरिए कराए गए हैं। अदालत ने इस पर सकारात्मक फैसला दिया है।

उन्होंने कहा, “जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वे सिर्फ ईवीएम का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें तकनीक, डिजिटल लेनदेन, आधार, जीएसटी, भीम एप से भी दिक्कत है।”

उन्होंने कहा, “इस तरह की नकारात्मकता क्यों। इसी नकारात्मकता के कारण कुछ पार्टियां लोगों का विश्वास जीतने में असमर्थ रही हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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