हिमालय की गुफाओं में नरेंद्र मोदी को, साधु ने कही थी यह बात

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जयपुर। आज आप नरेन्द्र मोदी को दिन रात देश के कामों को करते हुए टीवी पर देखते होंगे, लेकिन क्या आप जानते है की नरेन्द्र मोदी एक समय अपना घर छोड़कर हिमालय की गोद मे साधुओं के बीच चले गये थे।

नरेन्द्र मोदी जब महज 12 साल के थे, तो उनकी मां हीराबेन ने अपने बेटे नरेंद्र की कुंडली उनके गांव वडनगर आए एक ज्योतिषी को दिखाई। ज्योतिषी ने बाल नरेन्द्र की कुंडली देखकर हीराबेन से कहा कि तुम्हारा बेटा राजा बनेगा या​ फिर शंकराचार्य जैसा कोई महान संत।

ज्योतिषी की इस बात से मां परेशान रहने लगी की अगर उनका बेटा कोई साधु बन गया तो क्या होंगा। इसलिए हीराबेन ने नरेन्द्र मोदी की शादी कराने की सोची और उनकी शादी जसोदाबेन नामक एक लड़की से करा दी गई।

लेकिन नरेन्द्र को संसार की इस पारिवारिक जंजाल में नहीं फसना था। इसलिए नरेन्द्र एक रात को चुप चाप घर से भागकर हिमालय चले गये और वहां पर साधु का जीवन जीने लगे।

लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था, जब नरेन्द्र मोदी हिमालय में घूम रहे थे तब एक साधु ने उनसे पूछा की तुम यहां क्या कर रहे हो? इस पर नरेन्द्र मोदी ने जवाब दिया की वो भगवान की खोज में यहां आये है। नरेन्द्र मोदी का जवान सुन साधु ने कहा कि बेटा, तुम्हारी उम्र हिमालय की कंदराओं में भटकने की नहीं है। समाजसेवा करके भी भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। जिसके बाद नरेन्द्र मोदी फिर से लौट आये और आकर संन्यासी जीवन से प्रभावित होकर साल 1967 में कोलकाता को बेलूर मठ में चले गए।

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