नगालैंड में पीएम मोदी, विपक्ष पर एक भी टिप्पणी नहीं की

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त्रिपुरा में 18 फरवरी को चुनाव हो जाने के बाद अब देश भर की नज़र उत्तर-पूर्व में ही हेने जा रहे चुनाव पर है। नगालैंड और मेघालय में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 27 फरवरी को हानी है। इस चुनाव में देश भर की निगाह इसलिए भी है क्योंकि भाजपा ने पूरा ज़ोर उत्तर-पूर्व में लगा दिया है।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नगालैंड में चुनावी प्रचार में उतरे। लेकिन नगालैंड के तुएनसांग में जो नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया, इसमें देखने वाली बात ये थी कि किसी भी तरह से उन्होंने कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों का नाम नहीं लिया। आमतौर पर कांग्रेस को अपने निशाने पर रखने वाले मोदी नगालैंड में चुप क्यों हो गए, ये सोचने वाली बात है।

मोदी ने पूर्वोत्तर में विकास के लिए ट्रांसफॉर्मेशन बाय ट्रांसपोर्टेशन की बात कही। उन्होंने कहा कि नगालैंड के लोगों के अधिकारों की रक्षा उनका कर्तव्य है। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार नागालैंड की भलाई के लिए उठने वाली हर आवाज का सम्मान करती है, हमने हमेशा बातचीत का रास्ता खुला रखा है।

भाजपा की सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली से आने वाला पूरा पैसा आप तक पहुंचे, हम इस सिस्टम के लूप होल्स को खत्म कर रहे हैं। मैं शांति और सौहार्द के लिए नगालैंड के लोगों के सामूहिक प्रयास का सम्मान करता हूं। इस बात की बहुत आवश्यकता है कि नगालैंड में एक मजबूत और स्थिर सरकार बने जो राज्य के विकास के लिए काम करे। नगालैंड के प्रतिभावान लोगों ने हमेशा देश का मान बढ़ाया है। भारत का विकास पूर्वोत्तर के विकास के बिना संभव नहीं, इस लिए हमारी सरकार ‘अष्ट लक्ष्मी’ पर विशेष ध्यान दे रही है।

प्रधानमंत्री के आज के भाषण में कांग्रेस का कहीं भी नाम नहीं लिया गया। हो सकता है कि नगालैंड में कांग्रेस का अस्तित्व नहीं बचा है, इसलिए मोदी कांग्रेस का नाम भी नहीं लेना चाहते हों। ये भी हो सकता है कि भाजपा को ये पता है कि राज्य में उनकी ही सरकार बनने वाली है। क्योंकि हालात और समीकरण फिलहाल नगालैंड में भाजपा के तरफ ही हैं।

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