लापता पत्रकार मामला : सऊदी अरब ने जांच के लिए संयुक्त टीम के गठन का स्वागत किया

0
125

सऊदी अरब ने देश के लापता पत्रकार जमाल खाशोग्गी मामले की जांच के लिए संयुक्त टीम के गठन के आग्रह को तुर्की द्वारा मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस संयुक्त टीम में दोनों देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

सऊदी अरब के पत्रकार खाशोग्गी दो अक्टूबर से लापता हैं। वह इस्तांबुल में सऊदी दूतावास में गए थे, उसके बाद से ही वह लापता हैं। सऊदी अरब ने जारी बयान में तुर्की के इस सकारात्मक कदम की सराहना करेत हुए संयुक्त टीम में पूर्ण विश्वास जताया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleपति ने पत्नी को नया बताया ऐसी हालत में भी मोबाइल का पासवर्ड
Next articleआकाशगंगाओं के मिलन की अनोखी घटना को कैमरे में किया कैद
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here