जनजातीय मामलों के मंत्रालय एवं ट्राइफेड ने मैरी कॉम को किया सम्मानित

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हाल ही में महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में अपना छठा स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की मैरी कॉम को शुक्रवार को जनजातीय मामले के मंत्रालय, ट्राइफेड व ट्राइब्स इंडिया ने सम्मानित किया। मैरी कॉम ने राष्ट्रीय राजधानी में विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग में खिताबी जीत हासिल की थी। वह विश्व चैम्पियनशिप में छह स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज हैं।

मैरी कॉम देश भर के अनुभवी आदिवासी कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की पंचतंत्र श्रृंखला की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उनकी उपलब्धि, समर्पण और कड़ी मेहनत का जश्न मनाने के लिए, जनजातीय मामलों के मंत्रालय और ट्राइफेड ने उन्हें और उनके परिवार को आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित आदि महोत्सव के समापन समारोह में सम्मानित किया।

जनजातीय मामलों के राज्य मंत्रियों जसवंत सिंह सुमनभाई भाबोर एवं सुदर्शन भगत तथा 20 से अधिक राज्यों के 1000 से अधिक जनजातीय कारीगरों की उपस्थिति में जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम की अध्यक्षता में सम्मान समारोह आयोजित कर मैरी कॉम को सम्मानित किया गया।

ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्णा ने इस मौके पर कहा, “हम आदिमहोत्सव के इस विशेष अवसर पर मैरी कॉम को सम्मानित करते हुए बेहद खुशी महसूस कर रहे हैं। हम वास्तव में इस तरह के आयोजनों के साथ जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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