खेल मंत्रालय भारतीय फुटबाल को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगा : रिजिजू

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केंद्रीय खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरण रिजिजू ने कहा कि मंत्रालय भारत में फुटबाल को अगले स्तर पर ले जाने के लिए जहां जरूरत होगी वहां अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने 47 वर्षीय रिजिजू के हवाले से बताया, “हमने हाल के समय में पुरुष और महिला टीमों को बेहतर होते हुए देखा है। हम युवा खिलाड़ियों को ढूंढ़ने, उन्हें बेहतर करने और पेशेवर ट्रेनिंग मुहैया कराने के लिए जहां हो सकेगा वहां अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।”

रिजिजू यहां हुए इंटरकॉन्टिनेंटल कप-2019 के दौरान बातचीत कर रहे थे। उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय खिलाड़ियों की बेहतर ट्रेनिंग, कोचिंग और अन्य सुविधाओं पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा।

रिजिजू ने कहा, “खेल मंत्रालय बेहतर प्रशिक्षण, कोचिंग और सुविधाओं समेत एआईएफएफ की अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। हम हमेशा मौजूद रहेंगे। मैं भारत में किसी भी तरह के खेल का समर्थन करने के लिए बहुत उत्साहित हूं और मेरे लिए फुटबाल बहुत खास है।”

भारत की सीनियर महिला टीम हाल में फीफा रैंकिंग में ऊपर चढ़ी है और इसके लिए रिजिजू ने टीम की प्रशंसा भी की। उन्होंन कहा, “फीफा रैंकिंग में भारतीय टीम 57वें पायदान पर पहुंची और इसके लिए मुझे उनकी सराहना करनी चाहिए। यह बहुत बड़ी छलांग है। मुझे पूरा विश्वास है कि महिला टीम का स्तर और आगे बढ़ेगा।

रिजिजू ने कहा, “लोकप्रियता, पहुंच और आकार के मामले में फुटबाल सबसे बड़ा खेल है। हमें अपने फुटबाल को बेहतर बनाने के लिए काफी प्रयास करना होगा। गांव हो या शहर, फुटबाल एक ऐसा खेल है जिसे कहीं भी खेला जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारतीय फुटबाल का स्तर आगे बढ़ेगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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