दिल्ली में हुई हिंसा के लिए एमआईएम नेता पठान जिम्मेदार : वसीम रिजवी

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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने दिल्ली में तीन दिनों से हो रही हिंसा के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता वारिस पठान को जिम्मेदार ठहराया है। रिजवी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि वारिस पठान के बयान के कारण ही लोग उग्र हो गए हैं। उन्होंने शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध पर तंज किया और कहा कि ये हिंसा शाहीनबाग में बैठीं दादियों और नानियों की जिहालत का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “सभी से हाथ जोड़कर अपील है कि कांग्रेसी जहर का प्याला लोग न पिएं। कांग्रेस के जाल में फंसकर हुकूमत के खिलाफ माहौल मत बनाओ। हुकूमत, देश और सीएए कानून हमारा है। आपस में लड़कर मरने वाले को कोई शहीद नहीं कहता। दिल्ली में हुई हिंसा के लिए वारिस पठान जिम्मेदार हैं।”

वसीम रिजवी अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चाओं में बने रहते हैं। वह सीएए के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर लगातार सख्त बयानबाजी करते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा था कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो इस्लामिक दाढ़ी और बगैर मूंछ के डरावने चेहरे हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को तार-तार कर देंगे।

उन्होंने कहा कि शाहीनबाग जैसे हजारों धरने हो जाएं, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

रिजवी ने इससे पहले कहा था कि शाहीनबाग का धरना हक मांगने की लड़ाई नहीं है, बल्कि हिंदुओं का हक छीनने की जिद है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले कसाब (अजमल आमिर कसाब) भेजता था, लेकिन अब ओवैसी वायरस से हिंदुस्तान में कसाब तैयार किए जा रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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