माइक्रोसॉफ्ट ने लॉन्च किया प्रोजेक्ट एक्स क्लाउड गेम स्ट्रीमिंग प्रीव्यू

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टेक दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने आखिरकार प्रोजेक्ट एक्स क्लाउड गेम स्ट्रीमिंग सर्विस प्रीव्यू को अमेरिका, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया के एक्सबॉक्स यूजर्स के लिए लॉन्च किया है। इस प्रीव्यू में चार गेम हैं : गियर्स 5, हॉलो 5, गार्डियंस, किलर इंस्टिंक्ट और सी ऑफ थीव्स।

द वर्ज ने सोमवार को माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड गेमिंग प्रमुख करीम चौधरी के हवाले से कहा, “पब्लिक रिव्यू हमारे बहु-वर्ष की महत्वाकांक्षा में एक महत्वपूर्ण चरण है। यह गेमिंग समुदाय के अनुभव और गुणवत्ता के पैमाने पर विश्व स्तर पर खेल स्ट्रीमिंग प्रदान करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह समय है गैर्म्स, डिवाइस, नेटवर्क एनवायरनमेंट्स और असल दुनिया के सिनेरियो के साथ प्रोजेक्ट एक्स क्लाउड का टेस्ट कर इसकी क्षमताओं का पता लगाने का।”

पिछले हफ्ते तक प्रीव्यू के लिए कंपनी साइन-अप स्वीकार कर रही थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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