माइक्रोसॉफ्ट ने सीरी के पूर्व प्रमुख को एआई का नेतृत्व सौंपा

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Microsoft. (File Photo: IANS)

एप्पल के सीरी खंड के पूर्व प्रमुख बिल स्टेसियर ने करीब एक दशकों के सफर के बाद कंपनी छोड़ कर माइक्रोसॉफ्ट के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) खंड में शामिल हो गए हैं। द वर्ज की सोमवार की रिपोर्ट में बताया गया कि स्टेसियर ने मई में एप्पल छोड़ दिया था और अब वे इस महीने के अंत में कॉपोरेट उपाध्यक्ष के रुप में माइक्रोसॉफ्ट में जा रहे हैं। वे मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी केविन स्कॉट को रिपोर्ट करेंगे।

स्टेसियर ने नौकरी बदलने की घोषणा अपने निजी वेबसाइट पर अपने रेज्यूमे को अपडेट कर दिया। उनके रेज्यूमे के मुताबिक जब मई में उन्होंने कंपनी छोड़ी थी, तो एआई और सीरी के अध्यक्ष थे।

उनके लिन्कडिन प्रोफाइल के मुताबिक, साल 2012 से 2019 तक वे 11,000 डेवलपर्स, साइंटिस्ट, प्रोडक्ट मैनेजर्स और डिजायनर की टीम की अगुवाई कर रहे थे, जो सीरी में काम कर रहे थे।

एप्पल से पहले स्टेसियर अमेजन के शीर्ष अधिकारी थे। इसके अलावा उन्होंने अल्टाविस्टा और ऑरेकल में भी काम किया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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