‘द बर्न्ट ऑरेंज हेरसी’ से जुड़े मिक जैगर

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‘रोलिंग स्टोन्स’ बैंड के संस्थापकों में से एक मिक जैगर निर्देशक ग्यूसेप कपोटोंडिस की थ्रिलर फिल्म ‘द बर्न्ट ऑरेंज हेरसी’ का हिस्सा बन गए हैं। फिल्म में डेनिश अभिनेता क्लेस बैंग और आस्ट्रेलियाई अभिनेत्री एलिजाबेथ डेबिकी भी हैं। वेबसाइट ‘पेजसिक्स डॉट कॉम’ के मुताबिक, फिल्म में जैगर एक आर्ट डीलर-कलेक्टर की भूमिका में हैं।

इटली की वर्तमान पृष्ठभूमि पर आधारित ‘द बर्न्ट ऑरेंज हेरसी’ एक कला संबंधी घोटाले पर केंद्रित है, जो बड़े घोटाले में बदल जाता है। बैंग एक कला समीक्षक की भूमिका में हैं जो अमेरिकी पर्यटक बनी डेबिकी के साथ रोमांस करना शुरू कर देते हैं।

फिल्म ‘द बर्न्ट ऑरेंज हेरसी’ चार्ल्स विलफोर्ड के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। जैगर इससे पहले ‘द मैन फ्रॉम एलिसियन फील्ड्स’ (2001) और ‘द बैंक जॉब’ (2008) जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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